एआईएमएस मोहाली में योग दिवस पर स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश

एआईएमएस मोहाली में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और ऊर्जा के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के महत्व से अवगत कराना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई, जिसने सभी आयु वर्ग के लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रो. (वैद्य) राकेश शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकता है। योग दिवस की तैयारियों के तहत एआईएमएस मोहाली में जून माह के दौरान विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में एमबीबीएस विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। अनुभवी योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं को भी समझा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। विभिन्न आसनों और श्वास संबंधी अभ्यासों के माध्यम से स्वस्थ जीवन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। प्रतिभागियों ने माना कि योग तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और शारीरिक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्थान के निदेशक-प्राचार्य डॉ. नवदीप सिंह सैनी और फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेत त्रिगोत्रा ने भी विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी समाधान है। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने के संकल्प के साथ किया गया।

एआईएमएस मोहाली में योग दिवस पर स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश

प्रतिभागियों ने विविध योग आसनों और प्राणायाम का अभ्यास किया और स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्थापित की। इस कार्यक्रम के दौरान योग के शारीरिक और मानसिक फायदों पर गहन चर्चा की गई। संस्थान के निदेशक-प्राचार्य डॉ. नवदीप सिंह सैनी ने स्वयं जोश के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर छात्रों का हौसला बढ़ाया और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए उत्साहित किया। वहीं, फिजियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. सुचेत त्रिगोत्रा ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग अपनाने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए दैनिक जीवन में योगाभ्यास के फायदों पर जोर दिया। एसएएस नगर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एआईएमएस) मोहाली में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और योग के महत्व को समझने का संकल्प लिया। इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही, जिसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का एक प्रभावी साधन है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. (वैद्य) राकेश शर्मा ने अपने भाषण में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है। उन्होंने बताया कि नियमित योग करना व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और भावनात्मक रूप से संतुलित रखने में सहायक होता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारीे तहत संस्थान में पिछले कई दिनों से खास योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे थे। इन सत्रों में एमबीबीएस के छात्रों को योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों की जानकारी प्रदान की गई।
भारतीय योग संस्थान के अनुभवी प्रशिक्षकों नछात्रों को योग के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। प्रशिक्षकों ने योग को दैनिक जीवन में शामिल करने और इसके दीर्घकालिक फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान छात्रोंे सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और श्वास संबंधी अभ्यास किए। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन कवातावरण बना रहा। प्रतिभागियों ने योग को अपने जीवन में नियमित रूप से शामिल करने का संकल्प भी लिया। संस्थान के निदेशक-प्राचार्य डॉ. नवदीप सिंह सैनी ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक लाभदायक उपाय बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं को नियमित योग करने की सलाह दी। फिजियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुघात त्रिगोत्रा ने बताया कि योग केवल बीमारियों से बचने में सहायक नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्रों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन योग के महत्व पर जागरूकता संदेश के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करके स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन की ओर अग्रसर होंगे। यह आयोजन संस्थान में स्वास्थ्य जागरूकता और समग्र विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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