मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव आज उज्जैन में भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन के मंच पर विवाह बंधन में बंध गए। डॉ. अभिमन्यु ने डॉ. इशिता यादव के साथ पारंपरिक रस्मों के बीच सात फेरे लिए। पूरे विवाह स्थल पर उत्साह, रंग और संस्कृति का सुंदर संगम दिखाई दिया।
शाही अंदाज़ में निकली बारात
मुख्यमंत्री के बेटे की बारात पूरी शाही पारंपरिक अंदाज़ में निकली।घोड़े-बग्घियों पर सवार दूल्हे, ढोल-नगाड़े, नाचते-गाते लोग—पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आया।बारात में शामिल लोगों ने पारंपरिक संगीत पर जमकर नृत्य किया, जिससे शहर में एक खास रौनक देखने को मिली।

सामूहिक विवाह सम्मेलन में 22 जोड़ों ने लिए फेरे
इस सम्मेलन में सीएम के बेटे-बहू के साथ कुल 22 जोड़ों ने भी विवाह की रस्में निभाईं।सभी दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक वेशभूषा में एक साथ मंच पर मौजूद थे, जहां वरमाला और अन्य महत्वपूर्ण रस्में पूरे रीति-रिवाज के साथ पूरी की गईं।
कार्यक्रम की खास बातें:
सभी दूल्हे एक साथ तोरण मार मंडप में बैठे।प्रत्येक दूल्हा-दुल्हन के परिवार से 25–25 लोग आमंत्रित किए गए थे।चाहें तो परिवार अतिरिक्त मेहमान भी ला सकता था—इस पर कोई रोक नहीं थी।विवाह स्थल को फूलों और पारंपरिक सजावट से खूबसूरती से सजाया गया।
उपहार न लाने का अनुरोध
मुख्यमंत्री के मित्र और परिवार के सदस्य रवि सोलंकी ने बताया कि सभी मेहमानों से उपहार न लाने का आग्रह किया गया था।कार्यक्रम का उद्देश्य भव्यता के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और सरल विवाह परंपरा को बढ़ावा देना था।
खुशी और भावनाओं से भरा माहौल
पूरे आयोजन के दौरान लोगों में उत्साह साफ देखा गया।मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने बेटे की शादी में पूर्णतः पारिवारिक भाव से शामिल हुए और सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में मौजूद परिवारों ने इस अनोखी पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।