मनसुख मांडविया और अक्षय कुमार के साथ दिल्ली के JLN स्टेडियम में योग करेंगे हजारों लोग देशभर की तरह देश की राजधानी दिल्ली में भी 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस बार दिल्ली में सैकड़ों छोटे-बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है, लेकिन सबसे मुख्य और भव्य समारोह जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस मेगा इवेंट में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और बॉलीवुड के फिटनेस आइकन अक्षय कुमार एक साथ मंच साझा करेंगे और हजारों योग साधकों के साथ योगासन करते नजर आएंगे। इस वर्ष के आयोजन को ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (Yoga for Healthy Aging) की विशेष थीम पर केंद्रित किया गया है, जो बढ़ती उम्र में भी बेहतर स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली का संदेश देती है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस मुख्य ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम में करीब 3,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस सत्र को और अधिक खास बनाने के लिए प्रसिद्ध सेलिब्रिटी योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी द्वारा विशेष योग सत्र का संचालन किया जाएगा, जिसमें खिलाड़ी, छात्र, वरिष्ठ नागरिक और योग प्रेमी एक साथ हिस्सा लेंगे। केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि खेल मंत्रालय के मुताबिक भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के देश भर में फैले क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों और खेलो इंडिया संस्थानों में भी बड़े स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों में कुल मिलाकर 15 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा राष्ट्रीय खेल महासंघ, राज्य खेल विभाग और खेल विश्वविद्यालय भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जो भारत के पूरे खेल तंत्र को योग की शक्ति से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वैश्विक मंच की बात करें तो इस बार दुनिया के 180 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को धूमधाम से मनाने की तैयारी है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार पश्चिम बंगाल में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ (Gen Z) के युवाओं में भी फिटनेस और योग को लेकर एक अलग ही क्रेज देखा जा रहा है। पिछले एक दशक में यह आयोजन दुनिया के सबसे बड़े वेलनेस अभियानों में से एक बन गया है, जिसके जरिए भारत पूरी दुनिया तक सक्रिय और संतुलित जीवनशैली का संदेश पहुंचा रहा है।
‘योग फॉर हेल्दी एजिंग‘ की थीम और अक्षय कुमार-मनसुख मांडविया
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम एक बेहद खास और भव्य कार्यक्रम का गवाह बनने जा रहा है। इस मेगा इवेंट में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और बॉलीवुड के मशहूर फिटनेस आइकन अभिनेता अक्षय कुमार एक साथ शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल योग के महत्व को रेखांकित करेगा, बल्कि खेल और सिनेमा जगत की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी से आम जनता को भी सेहत के प्रति जागरूक करने का काम करेगा। इस वर्ष जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस मुख्य ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम में करीब 3,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस भव्य सत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रसिद्ध सेलिब्रिटी योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी को आमंत्रित किया गया है, जो वहां मौजूद हजारों लोगों को विशेष योग सत्र का अभ्यास कराएंगी। इस मेगा इवेंट में देश के जाने-माने खिलाड़ी, छात्र, वरिष्ठ नागरिक, फिटनेस प्रेमी और कई परिवार एक साथ मिलकर योग की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन करेंगे। इस बार के पूरे आयोजन को ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (Yoga for Healthy Aging) की बेहद खास थीम पर केंद्रित किया गया है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि बढ़ती उम्र के साथ भी कैसे मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से पूरी तरह सक्रिय और स्वस्थ रहा जा सकता है। अक्षय कुमार जैसे देश के सबसे बड़े फिटनेस रोल मॉडल की मौजूदगी इस थीम को और अधिक प्रासंगिक बनाती है, जो खुद अपनी अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। खेल मंत्रालय के समन्वय से आयोजित हो रहा यह मेगा इवेंट भारत के पूरे खेल तंत्र को योग की शक्ति से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया की देखरेख में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य योग की प्राचीन विधा को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। दिल्ली के दिल में होने वाला यह सामूहिक योगासन न सिर्फ राजधानी को ऊर्जावान बनाएगा, बल्कि यहां से निकलने वाला तंदुरुस्ती का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचेगा।

योग भगाए रोग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विशेष अवसर पर इस बार भारत के खेल जगत में एक अनोखा और भव्य संगम देखने को मिलने वाला है। खेल मंत्रालय की योजना के मुताबिक, इस वर्ष देश के पूरे खेल तंत्र (Sports Ecosystem) को योग की शक्ति से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके तहत देशभर में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सभी क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOE), विशेष प्रशिक्षण केंद्रों और खेलो इंडिया संस्थानों में बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इन विभिन्न खेल केंद्रों और अकादमियों में आयोजित होने वाले विशेष सत्रों में 15 हजार से अधिक लोगों के सक्रिय रूप से शामिल होने की उम्मीद है। इस महा-अभियान में न केवल देश के उभरते और स्थापित एथलीट हिस्सा लेंगे, बल्कि उनके कोच, खेल प्रशिक्षक, सहायक स्टाफ और स्थानीय खेल प्रेमी भी एक साथ मिलकर योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करेंगे। खेल परिसरों में होने वाला यह सामूहिक योगासन भारतीय खेल जगत को एक नई ऊर्जा से भर देगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए सिर्फ साई (SAI) केंद्र ही नहीं, बल्कि खेल जगत से जुड़े अन्य प्रमुख स्तंभ भी आगे आए हैं। देशभर के राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSFs), विभिन्न राज्यों के खेल विभाग, खेल विश्वविद्यालय और शारीरिक शिक्षा से जुड़े अन्य प्रमुख संस्थान भी इस योग दिवस के आयोजनों में पूरी भागीदारी निभा रहे हैं। सभी राज्यों में खेल मैदानों और स्टेडियमों को योग केंद्रों के रूप में तब्दील किया जा रहा है ताकि इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। विशेषज्ञों और खेल समीक्षकों का मानना है कि यह पूरा आयोजन भारत के खेल तंत्र को योग से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। खेल और योग का यह मेल न केवल एथलीटों की शारीरिक सहनशक्ति (Endurance) और लचीलेपन को बढ़ाएगा, बल्कि मानसिक एकाग्रता और तनाव प्रबंधन में भी मील का पत्थर साबित होगा। खेल परिसरों से उठने वाली योग की यह गूंज देश में एक स्वस्थ और फिट स्पोर्ट्स कल्चर का निर्माण करेगी।
‘मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का प्रतीक है योग‘
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर रखे गए प्रस्ताव के बाद ही 21 जून को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली थी। तब से लेकर आज तक, पिछले एक दशक में यह आयोजन दुनिया भर के करोड़ों लोगों के लिए शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा और पवित्र प्रतीक बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योग अब केवल भारत की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह प्राचीन भारतीय विधा अब पूरी दुनिया में एक स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले एक शक्तिशाली ‘वैश्विक आंदोलन’ का रूप ले चुकी है। हर साल दुनिया के कोने-कोने से लोगों का इससे जुड़ना यह साबित करता है कि आधुनिक और तनावपूर्ण जीवन में योग की प्रासंगिकता कितनी ज्यादा बढ़ गई है। इसी वैश्विक भावना को समेटे हुए देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है, जिसमें करीब 3,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस भव्य समारोह का मुख्य आकर्षण देश की प्रसिद्ध सेलिब्रिटी योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी होंगी। उनके नेतृत्व में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया जाएगा, जहां वे वहां मौजूद हजारों लोगों को योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम के सही तरीकों से अवगत कराएंगी। इस खास आयोजन की सबसे बड़ी खूबी इसकी सर्वसमावेशी भावना है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी दिखेगी। कार्यक्रम में देश के नामी खिलाड़ियों और युवा छात्रों से लेकर वरिष्ठ नागरिक, फिटनेस प्रेमी, नियमित योग साधक और कई परिवार एक साथ एक ही मैदान पर योग करते नजर आएंगे। इस भव्य आयोजन का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य योग की वास्तविक शक्ति, इसके चमत्कारी लाभों और एक स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
पूरी दुनिया में दिखेगी भारत की योग शक्ति
21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक आयोजन को लेकर पूरी दुनिया में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। इस वर्ष इस महान अभियान में विश्व के 180 से अधिक देशों के लाखों-करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले एक दशक के भीतर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दुनिया के सबसे बड़े वेलनेस (स्वास्थ्य और कल्याण) अभियानों में से एक बनकर उभरा है। गौरव की बात यह है कि भारत इस पूरे वैश्विक आंदोलन की अगुवाई कर रहा है और योग के माध्यम से दुनिया को एक नया मार्ग दिखा रहा है। भारत हमेशा से विश्व गुरु की भूमिका में रहा है और इस बार भी वह योग के जरिए पूरी दुनिया तक स्वस्थ, सक्रिय और बेहतर जीवनशैली का संदेश पहुंचा रहा है। आज की भागदौड़ और तनाव भरी आधुनिक जिंदगी में विदेशी संस्कृतियां भी योग की महत्ता को स्वीकार कर रही हैं। 180 देशों का एक साथ इस अभियान से जुड़ना यह साबित करता है कि योग किसी धर्म या सीमा में बंधा हुआ नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता को शारीरिक और मानसिक रूप से एक सूत्र में पिरोने का वैश्विक माध्यम बन चुका है। योग की इस समृद्ध और महान परंपरा के इतिहास पर नजर डालें तो महर्षि पतंजलि को ‘योग’ का मुख्य प्रणेता और सूत्रधार माना जाता है। उन्होंने ही अष्टांग योग के जरिए इसे एक व्यवस्थित शास्त्र का रूप दिया। महर्षि पतंजलि के बाद सदियों तक भारत के कई महान ऋषि-मुनियों, संतों और तपस्वियों से होते हुए योग की यह पावन विधा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती रही और समाज के हर हिस्से तक पहुंची। हमारी इस प्राचीन धरोहर ने हमेशा से ही इंसानी शरीर और आत्मा के संतुलन पर जोर दिया है। आधुनिक युग में योग को गुफाओं और कंदराओं से निकालकर जन-जन तक पहुंचाने का श्रेय योग गुरु स्वामी रामदेव को जाता है। उन्होंने योग की महिमा और इसके वैज्ञानिक फायदों का परिचय बेहद सरल भाषा में पूरी दुनिया से करवाया। सुबह-सुबह टीवी स्क्रीन के माध्यम से घर-घर में प्राणायाम और आसनों का अभ्यास कराकर उन्होंने करोड़ों लोगों की सेहत सुधारने जैसा बेहद नेक और ऐतिहासिक काम किया है। आज उसी प्राचीन और आधुनिक प्रयास का नतीजा है कि भारत की यह योग शक्ति वैश्विक स्तर पर धूम मचा रही है।