भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड को 95 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया, जिसके दम पर उसे एकतरफा जीत हासिल हुई। इस मुकाबले में स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 74 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मंधाना ने अपनी पारी के दौरान कई आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। इस मैच में स्मृति मंधाना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। वह पुरुष और महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली बल्लेबाज बन गई हैं। यह उपलब्धि उनके निरंतर प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय से बनाए गए दबदबे को दर्शाती है। मंधाना ने इस मुकाबले में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड हासिल कर लिया। इस मामले में उन्होंने पूर्व कप्तान मिताली राज और वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ दिया। वहीं, भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी इतिहास रच दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने विकेटों की संख्या 355 तक पहुंचाकर भारत की दिग्गज तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के सर्वाधिक विकेटों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और गर्व का क्षण मानी जा रही है। भारत की इस जीत के साथ कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बने, जिसने टीम के प्रदर्शन को और यादगार बना दिया।
भारत-नीदरलैंड मैच के रिकॉर्ड्स
मंधाना टी-20 में 600 चौके पूरे करने वाली पहली बैटर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीदरलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 74 रन बनाए और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराए। उनकी इस पारी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। मंधाना ने अपनी पारी के दौरान 11 शानदार चौके लगाए। इसके साथ ही उनके टी-20 इंटरनेशनल करियर में चौकों की संख्या 603 तक पहुंच गई। वह पुरुष और महिला दोनों वर्गों के टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली बल्लेबाज बन गई हैं। यह उपलब्धि स्मृति मंधाना की निरंतरता और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। पिछले कई वर्षों से वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। बड़े मैचों में उनकी जिम्मेदार पारियां टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर न्यूजीलैंड की अनुभवी बल्लेबाज सूजी बेट्स हैं, जिन्होंने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 521 चौके लगाए हैं। मंधाना उनसे काफी आगे निकल चुकी हैं और चौकों के मामले में नया मानक स्थापित कर दिया है। स्मृति मंधाना की इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट को एक और गर्व का अवसर दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए आने वाले समय में वह कई और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि मंधाना आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर टीम को नई सफलताएं दिलाती रहेंगी।
स्मृति की विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में छठी फिफ्टी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने टी-20 वर्ल्ड कप में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीदरलैंड के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए उन्होंने टूर्नामेंट में अपना छठा 50+ स्कोर दर्ज किया और भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ स्मृति मंधाना टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ते हुए खुद को इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ियों हरमनप्रीत कौर और मिताली राज के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। दोनों खिलाड़ियों ने टी-20 वर्ल्ड कप में पांच-पांच बार 50 से अधिक रन की पारियां खेली थीं। अब मंधाना ने अपना छठा अर्धशतक लगाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया है। स्मृति मंधाना पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम की बल्लेबाजी की मजबूत कड़ी रही हैं। बड़े टूर्नामेंटों में लगातार रन बनाना उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। उनकी तकनीक, आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज उन्हें विश्व क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल करता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मंधाना का यह रिकॉर्ड आने वाले समय में और भी मजबूत हो सकता है। उनकी शानदार फॉर्म भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत है और टी-20 वर्ल्ड कप में आगे के मुकाबलों में भी उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है।



दीप्ति के 355 विकेट पूरे, गोस्वामी की बराबरी की
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में 355 विकेट पूरे कर लिए हैं और भारत की दिग्गज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। दीप्ति शर्मा ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी सटीक गेंदबाजी और लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण वह टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम को सफलता दिलाने में अहम योगदान दिया है। 355 विकेट पूरे करने के साथ दीप्ति अब भारत की सबसे सफल गेंदबाजों की सूची में झूलन गोस्वामी के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर पहुंच गई हैं। झूलन लंबे समय तक भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं और अब दीप्ति ने उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर एक नया इतिहास रच दिया है। दीप्ति की खासियत यह है कि वह सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि बल्लेबाजी में भी टीम के लिए उपयोगी योगदान देती हैं। एक ऑलराउंडर के रूप में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम को संतुलन प्रदान करता है और यही कारण है कि वह टीम की प्रमुख खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि दीप्ति शर्मा जल्द ही झूलन गोस्वामी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर भारत की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला गेंदबाज बन सकती हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म और निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए यह उपलब्धि ज्यादा दूर नहीं दिखाई देती। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को अब उनके अगले रिकॉर्ड का इंतजार है।
भारत का टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा स्कोर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। यह टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। ओपनिंग बल्लेबाजों ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने भी तेजी से रन जोड़ते हुए स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। यह पहली बार है जब भारतीय महिला टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन का आंकड़ा पार किया है। इससे पहले इस टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 194/5 था, जो वर्ष 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया गया था। अब टीम ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। 209 रन का विशाल स्कोर भारतीय बल्लेबाजी की गहराई और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। टीम की बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और बड़े मंच पर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों को काफी प्रभावित किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी भी मजबूत कर दी है। जिस तरह से टीम ने बल्लेबाजी में दम दिखाया है, उससे साफ है कि आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय टीम विरोधियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और टीम खिताब की दौड़ में मजबूत नजर आ रही है।
शेफाली-स्मृति में 5वीं बार शतकीय साझेदारी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी जोड़ी शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 115 रनों की बेहतरीन साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इस शतकीय साझेदारी के साथ शेफाली और स्मृति ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह दोनों की साथ में पांचवीं 100 से अधिक रनों की साझेदारी रही, जो महिला टी-20 क्रिकेट में उनकी निरंतरता और बेहतरीन तालमेल को दर्शाती है। इस उपलब्धि के बाद भारतीय जोड़ी दुनिया में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। दोनों बल्लेबाज लंबे समय से भारतीय टीम के लिए ओपनिंग कर रही हैं और कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में टीम को मजबूत शुरुआत दिला चुकी हैं। इस सूची में फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ईशा ओझा और थीर्था सतीश की जोड़ी पहले स्थान पर है। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में छह बार शतकीय साझेदारी करने का कारनामा किया है। शेफाली और स्मृति अब इस रिकॉर्ड से सिर्फ एक कदम दूर हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की फॉर्म में दोनों भारतीय बल्लेबाज नजर आ रही हैं, उसे देखते हुए वे जल्द ही यह रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार समझ भारतीय महिला टीम की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है, जो आने वाले मुकाबलों में भी टीम के लिए अहम साबित हो सकती है।
भारत का टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। टीम ने पारी के शुरुआती छह ओवरों में बिना कोई विकेट गंवाए 59 रन बनाए, जो टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले प्रदर्शन बन गया है। भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने बेहतरीन शॉट्स खेलते हुए तेजी से रन जुटाए, जिससे टीम को मजबूत शुरुआत मिली और बड़े स्कोर की नींव रखी गई। इससे पहले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ पावरप्ले स्कोर 59 रन ही था, जो 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया गया था। हालांकि उस मुकाबले में टीम ने तीन विकेट गंवा दिए थे, जबकि इस बार भारत ने बिना कोई विकेट खोए यह उपलब्धि हासिल की। पावरप्ले में मिली इस शानदार शुरुआत का फायदा भारतीय टीम को पूरे मैच में मिला। बल्लेबाजों ने रन गति को बनाए रखा और टीम को 200 के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन ने भारतीय बल्लेबाजी की गहराई और आत्मविश्वास को भी दर्शाया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पावरप्ले में आक्रामक और संतुलित बल्लेबाजी किसी भी टी-20 मुकाबले की दिशा तय कर सकती है। भारतीय टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ यही रणनीति अपनाई और रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ अपनी ताकत का शानदार परिचय दिया। यह उपलब्धि टीम के बढ़ते आत्मविश्वास और बेहतरीन तैयारी का संकेत मानी जा रही है।
महिला टी-20 वर्ल्डकप भारत की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। दोनों खिलाड़ियों ने नीदरलैंड के खिलाफ पहले विकेट के लिए 115 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। यह 115 रन की साझेदारी टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और विपक्षी गेंदबाजों को किसी भी समय मैच में वापसी का मौका नहीं दिया। उनकी इस साझेदारी ने भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी। स्मृति और शेफाली की जोड़ी पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ियों में से एक रही है। दोनों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है, जिसका फायदा टीम को लगातार बड़े टूर्नामेंटों में मिल रहा है। इस मुकाबले में भी दोनों ने जिम्मेदारी के साथ आक्रामक बल्लेबाजी की। भारत की ओर से टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स के नाम दर्ज है। दोनों खिलाड़ियों ने 2018 के टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 134 रन की यादगार साझेदारी की थी, जो आज भी भारतीय महिला क्रिकेट का एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है। स्मृति और शेफाली की यह पारी भारतीय महिला टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप का प्रमाण है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यदि यह जोड़ी इसी तरह प्रदर्शन करती रही तो आने वाले मुकाबलों में कई और बड़े रिकॉर्ड टूट सकते हैं। उनकी शानदार साझेदारी ने टीम इंडिया को टूर्नामेंट में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।
श्रेयंका चोट के बाद स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर गईं
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और नीदरलैंड के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा, जब युवा स्पिनर श्रेयंका पाटिल फील्डिंग करते समय चोटिल हो गईं। यह घटना नीदरलैंड की पारी के छठे ओवर में हुई, जिसके बाद कुछ समय के लिए मैदान पर चिंता का माहौल बन गया। नीदरलैंड की बल्लेबाज फेबे मोल्केनबोएर ने ऑन साइड की ओर शॉट खेला। गेंद को रोकने के प्रयास में श्रेयंका तेजी से दौड़ीं, लेकिन इसी दौरान उनका पैर मुड़ गया और वह अचानक मैदान पर गिर पड़ीं। गिरते ही उनके चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था। श्रेयंका की चोट को देखते हुए भारतीय टीम के फिजियो तुरंत मैदान पर पहुंचे और उनकी स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि वह काफी असहज महसूस कर रही हैं। चोट के कारण वह अपने दाएं पैर पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। स्थिति गंभीर नजर आने पर मेडिकल स्टाफ ने अतिरिक्त सहायता मंगाई। कुछ देर उपचार के बाद भी जब श्रेयंका चलने की स्थिति में नहीं दिखीं, तो उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाया गया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच चिंता का माहौल देखने को मिला। श्रेयंका पाटिल की चोट को लेकर टीम प्रबंधन लगातार निगरानी बनाए हुए है। उनकी फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि चोट ज्यादा गंभीर न हो। भारतीय टीम और प्रशंसक यही चाहेंगे कि युवा स्पिनर जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर वापसी करें और आगामी मुकाबलों में टीम का हिस्सा बनें।
ऋचा ने डी लीडे को स्टंपिंग किया
भारत और नीदरलैंड के बीच खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। मैच के 14वें ओवर में भारतीय टीम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब नंदिनी शर्मा ने नीदरलैंड की कप्तान बैबेट डी लीडे को आउट कर टीम को चौथा विकेट दिलाया। बैबेट डी लीडे उस समय नीदरलैंड की पारी को संभालने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों में 28 रन बनाए। अपनी पारी के दौरान उन्होंने तीन आकर्षक चौके भी लगाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने का प्रयास किया। नंदिनी शर्मा की सटीक गेंदबाजी के सामने डी लीडे ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। उन्होंने गेंद को खेलने का प्रयास किया, लेकिन चूक गईं। विकेट के पीछे मौजूद ऋचा घोष ने बेहतरीन फुर्ती दिखाते हुए शानदार स्टंपिंग पूरी की और भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई। ऋचा घोष की यह स्टंपिंग मैच के यादगार क्षणों में शामिल रही। विकेट के पीछे उनकी सतर्कता और तेज प्रतिक्रिया ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारतीय टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। इस विकेट के बाद नीदरलैंड की टीम पर दबाव और बढ़ गया। डी लीडे के आउट होने के बाद भारतीय टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नंदिनी शर्मा और ऋचा घोष की इस बेहतरीन साझेदारी ने भारत की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया।
भारत की लगातार दूसरी जीत, नीदरलैंड को 95 रन से हराया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरी जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने नीदरलैंड को 95 रन के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी और मजबूत कर दी। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। यह टी-20 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में रखा। भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाजों ने मजबूत नींव रखी, जिसके बाद मध्यक्रम ने रन गति को बरकरार रखा। पूरे मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और नीदरलैंड के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। 209 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। परिणामस्वरूप विपक्षी टीम 17.3 ओवर में 114 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट में अपना आत्मविश्वास और मजबूत किया है। खिलाड़ियों का शानदार फॉर्म और टीम का संतुलित प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि भारत इस बार खिताब की प्रबल दावेदार टीमों में शामिल है। आने वाले मुकाबलों में भी टीम से ऐसे ही दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।










