नीट परीक्षा में कथित धांधली, देशभर में सामने आए पेपर लीक के मामलों और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के प्रतीक के रूप में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार से शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा प्रणाली पर जवाब मांगा। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर किया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों से काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचने की अपील की थी। पार्टी का उद्देश्य सरकार का ध्यान युवाओं से जुड़े इस अहम मुद्दे की ओर आकर्षित करना और संसद के भीतर इस विषय पर व्यापक चर्चा की मांग करना है। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को टकराव की बजाय छात्रों से संवाद करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर मजबूती से उठाता रहेगा। वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ सख्ती बरती गई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और नीट परीक्षा का मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही और सुधारों की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
