पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के बावजूद भारतीय तेल टैंकरों को अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिल गई है।यह फैसला उस समय सामने आया जब भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई।
दो भारतीय टैंकर सुरक्षित गुजर रहे
जानकारी के मुताबिक बातचीत के बाद कम से कम दो भारतीय टैंकर MT Pushpak और MT Parimal सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। हाल के दिनों में इस इलाके में बढ़ते तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब लगभग 12वें दिन में पहुंच चुका है। बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है और कई जहाजों ने इस रास्ते से गुजरना बंद कर दिया है। इसका असर वैश्विक तेल कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।तनाव के चलते ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए थे। ईरान का कहना था कि केवल वही जहाज सुरक्षित गुजर सकेंगे जो अमेरिका और इस्राइल के हितों से जुड़े नहीं हैं। ऐसे में भारतीय जहाजों को अनुमति मिलना भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिसकी चौड़ाई लगभग 55 किलोमीटर है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है।
सामान्य परिस्थितियों में इस रास्ते से हर दिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है। इस मार्ग में बाधा आने से कई बड़े तेल उत्पादक देशों जैसे Iraq, Kuwait, Saudi Arabia और Iran के निर्यात पर असर पड़ सकता है। दुनिया का बड़ा हिस्सा तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG भी इसी रास्ते से गुजरता है।
भारत के लिए क्यों अहम
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में से एक है और अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है। ऐसे में अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बाधा आती है तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हालांकि भारतीय टैंकरों को सुरक्षित रास्ता मिलने से फिलहाल भारत को बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की संतुलित विदेश नीति का परिणाम है, क्योंकि भारत के संबंध एक तरफ अमेरिका और इस्राइल से हैं तो दूसरी तरफ ईरान के साथ भी अच्छे रिश्ते बने हुए हैं।पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी जारी है और हालात संवेदनशील बने हुए हैं। हालांकि भारतीय टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलने से फिलहाल भारत की ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा खतरा टलता नजर आ रहा है। दुनिया भर की नजर अब इस क्षेत्र में आगे होने वाले घटनाक्रम पर बनी हुई है।










