Delhi के जंतर-मंतर पर आज एक बार फिर विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेगा, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एकत्र होंगे। संगठन का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब देश के कई हिस्सों में परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। CJP का दावा है कि NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें बढ़ी हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। CJP इससे पहले भी देश के कई शहरों जैसे पुणे, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु में इसी मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुका है। संगठन लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। इस बार प्रदर्शन को लेकर संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से विशेष अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आएं, जिसे वे प्रतीकात्मक विरोध के रूप में इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने इस अपील को 2020 की उस घटना से जोड़ते हुए बताया कि यह सरकार और व्यवस्था का ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक प्रदर्शन के माध्यम से संदेश को मजबूती से रखा जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति दे दी है, जिसके बाद दोपहर 1 बजे बड़ी संख्या में युवाओं के जुटने की उम्मीद है। संगठन ने यह भी कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
आज दिल्ली में दूसरी बार प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक बार फिर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। यह प्रदर्शन 6 जून को हुए पहले प्रदर्शन के बाद दिल्ली में इस संगठन का दूसरा बड़ा विरोध-प्रदर्शन माना जा रहा है। संगठन का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी आवाज लगातार उठा रहे हैं। इससे पहले CJP ने देश के कई शहरों में प्रदर्शन किए हैं। इनमें पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। संगठन का दावा है कि उनका आंदोलन केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की समस्याओं को उजागर करने का प्रयास है। इस बार प्रदर्शन को लेकर संगठन ने समर्थकों से एक अनोखी अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने साथ थाली और चम्मच लेकर आएं, जिसे प्रतीकात्मक विरोध के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह अपील सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। यह कदम 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा की गई उस अपील की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स के सम्मान में ताली और बर्तन बजाने की बात कही थी। उसी प्रतीकात्मकता को इस प्रदर्शन में भी जोड़ा जा रहा है। CJP का कहना है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। संगठन लगातार यह मांग कर रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए और छात्रों के हितों की रक्षा हो।











