नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हादसे वाली पांच मंजिला PG बिल्डिंग के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इमारत गिरने की वजह क्या थी और क्या निर्माण एवं मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
PG संचालक सुधांशु से पूछताछ
दिल्ली पुलिस ने PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि बिल्डिंग में किस तरह के निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहे थे और इन कार्यों की अनुमति किस स्तर पर ली गई थी।जांच के दौरान पुलिस हादसे से पहले इमारत में किए गए निर्माण कार्यों और उसकी स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद हादसे से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।

अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारी
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में अब तक पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया था, जो हादसे वाली PG बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य की देखरेख कर रहा था।इसके अलावा बिल्डिंग मालिक परिवार के तीन सदस्यों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें बुजुर्ग दंपती भी शामिल हैं। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।अब PG संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है।
हादसे के दिन बेसमेंट में चल रहा था काम
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस दिन बिल्डिंग गिरी, उस दिन उसके बेसमेंट में फर्श की मरम्मत का काम चल रहा था। बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण बेसमेंट में कचरा जमा हो रहा था, जिसके चलते वहां मरम्मत का काम किया जा रहा था।इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर भी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के उद्देश्य से निर्माण कार्य किए जाने की बात सामने आई है।अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन मरम्मत और निर्माण कार्यों के कारण इमारत की संरचना प्रभावित हुई थी।
रविवार को भरभराकर गिर गई थी पांच मंजिला इमारत
सत्य निकेतन में यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। ‘हॉस्टल डेज’ नाम की पांच मंजिला इमारत में लड़कों के लिए PG चलाया जा रहा था। हादसे के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे।
अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया।इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद दिल्ली में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
MCD के 4 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी बड़ी कार्रवाई की है। MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इलाके में मौजूद इमारतों और उनमें हो रहे निर्माण कार्यों की निगरानी ठीक तरीके से की जा रही थी।प्रशासन अब हादसे के आसपास मौजूद अन्य जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई कर रहा है।
हादसे के बाद जर्जर इमारत गिराने का आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास की असुरक्षित इमारतों को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि हादसे वाली PG बिल्डिंग के बगल में मौजूद एक जर्जर इमारत को जनहित और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गिराने का आदेश दिया गया है।इसके अलावा हादसे वाली इमारत में रहने वाले छात्रों का सामान भी दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।सत्य निकेतन हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के सामने कई अहम सवाल हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिल्डिंग की संरचनात्मक स्थिति कैसी थी, उसमें किस तरह के निर्माण और मरम्मत कार्य किए जा रहे थे और क्या इन कामों के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी।इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे काम का इमारत की मजबूती पर कोई असर पड़ा था या नहीं।
पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के साथ-साथ हादसे से जुड़े दस्तावेजों और अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।सत्य निकेतन का यह हादसा दिल्ली में जर्जर और असुरक्षित इमारतों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। राजधानी में कई इलाकों में पुरानी इमारतों में लोग रहते हैं और कई जगहों पर बिना पर्याप्त सुरक्षा के निर्माण या मरम्मत कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।ऐसे में सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि असुरक्षित इमारतों की पहचान कर समय रहते उन पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।फिलहाल पुलिस PG संचालक सुधांशु समेत गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सत्य निकेतन की पांच मंजिला इमारत आखिर किन परिस्थितियों में गिरी और इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।









