राहुल गांधी को 2029 में प्रधानमंत्री बनाना है
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। बैठक सकारात्मक रही और गठबंधन से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई। सुनील सिंह ने कहा कि लोकदल उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और इसी गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान लोकदल की ओर से यूपी में 35 विधानसभा सीटों की मांग रखी गई है। सीटों को लेकर अंतिम निर्णय आगे आपसी चर्चा के बाद होने की बात कही गई है। लोकदल अध्यक्ष के मुताबिक, राहुल गांधी ने भी सीटों के बंटवारे को लेकर मिल-बैठकर बातचीत करने की बात कही है। ऐसे में अब आगे होने वाली बैठकों में सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा आगे बढ़ सकती है। फिलहाल 35 सीटों की मांग पर अंतिम सहमति नहीं बनी है। सुनील सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर भी अपनी रणनीति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पार्टी का उद्देश्य गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी तैयारी करना है। उनके बयान में पश्चिमी यूपी को लोकदल के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र के तौर पर पेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं में राहुल गांधी को 2029 में प्रधानमंत्री बनाना भी शामिल है। सुनील सिंह का यह बयान लोकदल की आगामी चुनावी रणनीति और गठबंधन के साथ उसकी राजनीतिक दिशा को लेकर संकेत देता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में कांग्रेस और लोकदल के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर क्या सहमति बनती है। 35 सीटों की मांग पर बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गठबंधन की रणनीति क्या रहती है, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों से स्पष्ट होगा।

किंग नहीं, किंग मेकर बनना चाहता हूं
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने चौधरी जयंत सिंह को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका सत्ता में शीर्ष पद हासिल करने से ज्यादा राजनीतिक प्रभाव बनाने की है। सुनील सिंह ने कहा कि वह “किंग” नहीं, बल्कि “किंग मेकर” बनना चाहते हैं। सुनील सिंह ने जयंत चौधरी के नेतृत्व वाले लोकदल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि असली लोकदल उनके नेतृत्व में है। यह उनका राजनीतिक दावा है और इसे लेकर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। लोकदल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जयंत चौधरी किसानों के मुद्दों को उस तरह नहीं उठाते, जैसा उठाया जाना चाहिए। उन्होंने किसान हित, ग्रामीण समस्याओं और खेती से जुड़े सवालों को लेकर अपनी पार्टी की सक्रियता का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी अपनी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा बताया। सुनील सिंह ने बेरोजगारी को लेकर सरकारों और राजनीतिक दलों से सवाल किए और कहा कि रोजगार के अवसर युवाओं के लिए बड़ा मुद्दा हैं। महंगाई को लेकर भी सुनील सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर बढ़ती कीमतों का असर पड़ रहा है और जनता से जुड़े इन मुद्दों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने की जरूरत है। सुनील सिंह के बयानों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोकदल और जयंत चौधरी के बीच राजनीतिक दावेदारी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों पक्षों की रणनीति और उनके राजनीतिक गठबंधनों पर भी नजर रहेगी।
जयंत चौधरी वेस्टर्न यूपी में चुनौती नहीं
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा है कि पार्टी गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज के मुद्दे को लेकर पंचायतों के बीच जाने की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि इस अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के साथ-साथ पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। सुनील सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी उनके लिए कोई चुनौती नहीं हैं। हालांकि, यह सुनील सिंह का राजनीतिक दावा है और इस पर जयंत चौधरी या उनकी पार्टी की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। बातचीत के दौरान सुनील सिंह ने किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई को लेकर जयंत चौधरी की राजनीति पर सवाल उठाए। सुनील सिंह का आरोप है कि इन मुद्दों को पर्याप्त प्रमुखता नहीं दी जा रही है। लोकदल की ओर से ग्रामीण इलाकों, किसानों, रोजगार और महंगाई को आगामी राजनीतिक गतिविधियों में प्रमुख मुद्दा बनाने की बात कही जा रही है। पार्टी का कहना है कि इन विषयों को लेकर वह गांवों और पंचायत स्तर तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगी। उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति को लेकर भी लोकदल सक्रिय नजर आ रहा है। सुनील सिंह इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं। इस मुलाकात के दौरान 2027 विधानसभा चुनाव और गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की जानकारी सामने आई थी। लोकदल ने उत्तर प्रदेश में 35 विधानसभा सीटों की मांग रखी है। हालांकि, इस मांग पर गठबंधन के भीतर अंतिम सहमति अभी स्पष्ट नहीं है। आगे होने वाली बातचीत में सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने गठबंधन को लेकर अपनी रणनीति भी स्पष्ट की है। ऐसे में आने वाले समय में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोकदल की गतिविधियां और गठबंधन की बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।









