Delhi के फतेहपुर बेरी इलाके में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के बाद पुलिस की जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। सोमवार सुबह हंसा चौक के पास विजय को जिम से बाहर बुलाया गया और इसके बाद उन पर फायरिंग कर दी गई। हमले में गंभीर रूप से घायल विजय को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के लिए दो हमलावर मोटरसाइकिल से पहुंचे थे। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था और गोलीबारी के बाद मौके से फरार हो गए। विजय को कई गोलियां लगीं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस हत्याकांड की जांच में दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश एक अहम एंगल बनकर सामने आई है। विजय के परिजनों का आरोप है कि परिवारों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था और इसी सिलसिले में पहले भी हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं। परिवार का कहना है कि विजय का उन पुराने मामलों से कोई संबंध नहीं था, फिर भी उन्हें इस दुश्मनी का निशाना बनाया गया। विजय के चाचा नरेंद्र कुमार ने बताया कि नवंबर 2025 में उनके चचेरे भाई रतन लोहिया की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार के मुताबिक, उस घटना के बाद से ही उनके घर में डर का माहौल था। परिजनों का दावा है कि विजय को भी कुछ समय के लिए जिम जाने से रोक दिया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना काम फिर शुरू कर दिया। घटना के तरीके ने भी पुलिस की जांच को गंभीर बना दिया है। बताया जा रहा है कि विजय को किसी व्यक्ति ने जिम से बाहर आने के लिए कहा था। जैसे ही वह बाहर पहुंचे, हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों को विजय की दिनचर्या की जानकारी कैसे मिली और क्या वारदात से पहले उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस पुरानी रंजिश के साथ-साथ इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे किसी आपराधिक गिरोह का हाथ तो नहीं है। हालांकि, फिलहाल किसी गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पुराने मामलों में सामने आए नामों और मौजूदा हत्याकांड के बीच संभावित कनेक्शन की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए कई टीमें काम कर रही हैं। जांच में परिवार के आरोप, पुरानी घटनाएं, संभावित धमकियां और हमलावरों की गतिविधियां सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। अब पुलिस की जांच से ही यह साफ होगा कि विजय कुमार की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस वारदात को अंजाम देने वाले कौन लोग थे।
दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल है। परिवार का दावा है कि विजय का पुरानी दुश्मनी से कोई सीधा संबंध नहीं था, इसके बावजूद वह कथित रंजिश का शिकार हो गए। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में पुराने विवाद और उससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजय के चाचा रतन लोहिया दूध डेयरी का कारोबार करते थे। नवंबर 2025 में आया नगर स्थित घर के पास रतन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार के मुताबिक, हमलावरों ने बड़ी संख्या में गोलियां चलाई थीं और रतन ने उस समय बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहन रखी थी। इस घटना के बाद परिवार के लोग काफी समय तक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहे। रतन की हत्या के बाद विजय को भी कुछ समय के लिए जिम जाने से रोक दिया गया था। उनके चाचा नरेंद्र कुमार के मुताबिक, परिवार को लगातार यह डर बना हुआ था कि कहीं अगला निशाना विजय न बन जाए। करीब 20 दिनों तक जिम से दूर रहने के बाद विजय ने दोबारा अपना काम शुरू कर दिया था। परिवार का कहना है कि विजय सामान्य तरीके से अपनी जिंदगी और काम आगे बढ़ा रहे थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनकी विजय से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने पति से नाश्ता तैयार करने के लिए कहा था। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे के बाद विजय का फोन नहीं उठा। कुछ समय बाद रितु को पता चला कि विजय को गोली मार दी गई है। रितु ने इस मामले में रामवीर बिधूड़ी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रामवीर बिधूड़ी को परिवार ने अरुण का पिता बताया है और कहा है कि वह भी इसी इलाके में रहते हैं। परिवार का दावा है कि विजय का अरुण की हत्या से कोई संबंध नहीं था। वहीं विजय की बहन सुधा ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से कुछ लोग उनके भाई को परेशान कर रहे थे। परिवार के एक सदस्य ने भी धमकी मिलने की बात कही है। हालांकि, इन दावों को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एक स्थानीय व्यक्ति ने भी दावा किया कि करीब दो सप्ताह पहले पार्क में फुटबॉल खेलने के दौरान उसने कुछ लोगों को किसी व्यक्ति को धमकाते हुए सुना था। उसके मुताबिक, वहां मौजूद कुछ राहगीरों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद संबंधित लोग वहां से चले गए। परिवार का यह भी कहना है कि विजय को संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में अदालत में बयान देना था और उन्हें पड़ोस से भी कथित तौर पर धमकियां मिली थीं। विजय तीन भाइयों में मझले थे और करीब आठ साल से जिम ट्रेनर के रूप में काम कर रहे थे। लगभग चार साल पहले उन्होंने अपना जिम शुरू किया था। परिवार के मुताबिक, विजय अपनी मेहनत और काम में व्यस्त रहते थे। उनकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। खास बात यह है कि उनके छोटे भाई अजय की शादी भी उसी दिन हुई थी और दोनों भाइयों की पत्नियां आपस में बहनें हैं। परिजनों के अनुसार, विजय परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। पति की मौत की खबर के बाद विजय की पत्नी रितु की तबीयत भी बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, विजय घर से बाहर रहने के दौरान पत्नी का हर घंटे फोन करके हालचाल लेते थे और उनकी जरूरतों के बारे में पूछते थे। तीनों भाइयों के घर भी आसपास ही बने हुए हैं। पैतृक जमीन को तीन हिस्सों में बांटकर भाइयों ने अपने-अपने मकान बनाए थे। विजय का तीन मंजिला नया मकान भी भाइयों के घरों के पास है। अब इन घरों में खुशियों की जगह शोक का माहौल है। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों परिवारों के बीच पुराने विवाद का एंगल सामने आया है। बताया जा रहा है कि अरुण लोहिया और रतन लोहिया के बेटे दीपक के बीच पहले दोस्ती थी, लेकिन पैसे और जमीन से जुड़े विवाद के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के दौरान दीपक के साथ मारपीट भी हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी बढ़ती चली गई। अरुण की हत्या से जुड़े मामले और उसके बाद हुई घटनाओं को पुलिस विजय की हत्या से जोड़कर भी जांच रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विजय की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और हमलावरों ने उन्हें ही निशाना क्यों बनाया। परिवार की ओर से लगाए गए आरोप, कथित धमकियों और पुराने विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि विजय की हत्या के पीछे कौन सा कारण था और इस वारदात में किन लोगों की भूमिका रही।

दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल है। परिवार का दावा है कि विजय का पुरानी दुश्मनी से कोई सीधा संबंध नहीं था, इसके बावजूद वह कथित रंजिश का शिकार हो गए। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में पुराने विवाद और उससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजय के चाचा रतन लोहिया दूध डेयरी का कारोबार करते थे। नवंबर 2025 में आया नगर स्थित घर के पास रतन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने बड़ी संख्या में गोलियां चलाई थीं और रतन ने उस समय बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहन रखी थी। इस घटना के बाद परिवार के लोग काफी समय तक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहे। रतन की हत्या के बाद विजय को भी कुछ समय के लिए जिम जाने से रोक दिया गया था। उनके चाचा नरेंद्र कुमार के मुताबिक, परिवार को लगातार यह डर बना हुआ था कि कहीं अगला निशाना विजय न बन जाए। करीब 20 दिनों तक जिम से दूर रहने के बाद विजय ने दोबारा अपना काम शुरू कर दिया था। परिवार का कहना है कि विजय सामान्य तरीके से अपनी जिंदगी और काम आगे बढ़ा रहे थे। विजय की पत्नी रितु के अनुसार, सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनकी विजय से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने पति से नाश्ता तैयार करने के लिए कहा था। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे के बाद विजय का फोन नहीं उठा। कुछ समय बाद रितु को पता चला कि विजय को गोली मार दी गई है। रितु ने इस मामले में रामवीर बिधूड़ी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। रामवीर बिधूड़ी को परिवार ने अरुण का पिता बताया है और कहा है कि वह भी इसी इलाके में रहते हैं। परिवार का दावा है कि विजय का अरुण की हत्या से कोई संबंध नहीं था। वहीं विजय की बहन सुधा ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से कुछ लोग उनके भाई को परेशान कर रहे थे। परिवार के एक सदस्य ने भी धमकी मिलने की बात कही है। हालांकि, इन दावों को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एक स्थानीय व्यक्ति ने भी दावा किया कि करीब दो सप्ताह पहले पार्क में फुटबॉल खेलने के दौरान उसने कुछ लोगों को किसी व्यक्ति को धमकाते हुए सुना था। वहां मौजूद कुछ राहगीरों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद संबंधित लोग वहां से चले गए। परिवार का यह भी कहना है कि विजय को संपत्ति विवाद से जुड़े एक मामले में अदालत में बयान देना था और उन्हें पड़ोस से भी कथित तौर पर धमकियां मिली थीं।विजय तीन भाइयों में मझले थे और करीब आठ साल से जिम ट्रेनर के रूप में काम कर रहे थे। लगभग चार साल पहले उन्होंने अपना जिम शुरू किया था। परिवार के मुताबिक, विजय अपनी मेहनत और काम में व्यस्त रहते थे। उनकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। खास बात यह है कि उनके छोटे भाई अजय की शादी भी उसी दिन हुई थी और दोनों भाइयों की पत्नियां आपस में बहनें हैं। परिजनों के अनुसार, विजय परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। पति की मौत की खबर के बाद विजय की पत्नी रितु की तबीयत भी बिगड़ गई। विजय घर से बाहर रहने के दौरान पत्नी का हर घंटे फोन करके हालचाल लेते थे और उनकी जरूरतों के बारे में पूछते थे। तीनों भाइयों के घर भी आसपास ही बने हुए हैं। पैतृक जमीन को तीन हिस्सों में बांटकर भाइयों ने अपने-अपने मकान बनाए थे। विजय का तीन मंजिला नया मकान भी भाइयों के घरों के पास है। अब इन घरों में खुशियों की जगह शोक का माहौल है। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों परिवारों के बीच पुराने विवाद का एंगल सामने आया है। अरुण लोहिया और रतन लोहिया के बेटे दीपक के बीच पहले दोस्ती थी, लेकिन पैसे और जमीन से जुड़े विवाद के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। परिवार का आरोप है कि इसी विवाद के दौरान दीपक के साथ मारपीट भी हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी बढ़ती चली गई। अरुण की हत्या से जुड़े मामले और उसके बाद हुई घटनाओं को पुलिस विजय की हत्या से जोड़कर भी जांच रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विजय की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और हमलावरों ने उन्हें ही निशाना क्यों बनाया। परिवार की ओर से लगाए गए आरोप, कथित धमकियों और पुराने विवाद समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि विजय की हत्या के पीछे कौन सा कारण था और इस वारदात में किन लोगों की भूमिका रही।









