Chandigarh के मनीमाजरा इलाके में देर रात हथियारों के बल पर हुई होंडा सिटी कार लूट की वारदात का पुलिस ने तेजी से खुलासा किया है। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपियों के कब्जे से लूटी गई कार और वारदात से जुड़े कई सामान बरामद किए गए हैं। मामला 10 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। राजीव विहार सोसायटी निवासी पुलकित शर्मा पंचकूला से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 12:30 बजे वह सोसायटी के मुख्य गेट से लगभग 50 मीटर पहले डिलीवरी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए तीन युवकों ने उनकी कार के सामने बाइक खड़ी कर रास्ता रोक दिया। कुछ ही देर में एक्टिवा पर सवार दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को घेर लिया। आरोप है कि एक युवक ने चाकू उनकी गर्दन पर लगा दिया, जबकि दूसरे ने पिस्तौल जैसी चीज दिखाकर उन्हें डराया। इसी दौरान एक आरोपी ने उनकी जेब से कार की चाबी निकाल ली और होंडा सिटी लेकर सभी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस को रात करीब 12:48 बजे पीसीआर के जरिए सूचना मिली। सूचना मिलते ही मनीमाजरा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर नंबर 85 दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश के लिए टीमों को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने यूनिवर्सिटी से सेक्टर-25 की ओर जाने वाली सड़क पर लूटी गई होंडा सिटी में घूम रहे तीन युवकों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष (19), सौरभ और संजू (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से कार के अलावा चाकू, खिलौना पिस्तौल और देसी कट्टा भी बरामद किया। वारदात में करीब पांच से छह युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है। ऐसे में अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस उन अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, जो कथित तौर पर इस लूट में शामिल थे। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 310(2), 311 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और इसमें बाकी लोगों की क्या भूमिका थी। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल संजू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस जांच में सामने आया है। वर्ष 2018 में पंचकूला पुलिस ने उसे चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े दो मामलों में गिरफ्तार किया था। अब पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा मामले से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मनीमाजरा में होंडा सिटी कार लूट की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी थी। रात करीब 12:48 बजे पीसीआर से सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सुराग जुटाए और संभावित रास्तों पर भी नजर रखी। जांच के दौरान पुलिस टीम को उस समय अहम सफलता मिली, जब लूटी गई होंडा सिटी कार में तीन संदिग्ध युवकों को यूनिवर्सिटी से सेक्टर-25 की ओर जाने वाली सड़क पर देखा गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष (19), सौरभ और संजू (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई होंडा सिटी के साथ चाकू, खिलौना पिस्तौल और देसी कट्टा भी बरामद किया है। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि इनमें से किन सामानों का इस्तेमाल वारदात के दौरान किया गया था। साथ ही आरोपियों से उनके पुराने मामलों और संभावित अन्य वारदातों को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। इस मामले में मनीमाजरा थाना पुलिस ने एफआईआर नंबर 85 दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 310(2), 311 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी संजू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 में पंचकूला पुलिस ने उसे चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े दो मामलों में गिरफ्तार किया था। अब जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का इस मामले से कोई संबंध है। शुरुआती जांच में वारदात में पांच से छह युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब बाकी संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस उनकी पहचान और घटना में उनकी कथित भूमिका का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पूछताछ के जरिए पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कार लूटने की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने पीड़ित को निशाना बनाने के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई और वारदात के बाद कार लेकर वे कहां जाने की तैयारी में थे। पुलिस की कार्रवाई से लूटी गई कार बरामद हो गई है और तीन आरोपी हिरासत में हैं। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े नए तथ्यों के सामने आने की संभावना है।










