भारतीय संविधान के निर्माता, समाज-सुधारक और दूरदर्शी नेता डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के अवसर पर संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर आज राष्ट्र ने गहन सम्मान के साथ उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई प्रमुख नेताओं ने बाबासाहेब को नमन किया। सभी नेताओं ने अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं से आशीर्वाद भी लिया।

14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (सैन्य छावनी) में जन्मे डॉ. अंबेडकर एक महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, लेखक और राजनीतिज्ञ थे। उन्हें आधुनिक भारत के निर्माण में सबसे प्रभावशाली विचारकों में गिना जाता है। संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में अंबेडकर ने लोकतांत्रिक, समतामूलक और न्यायपूर्ण भारत की नींव रखी।
राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश
अंबेडकर जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि “हमारे संविधान के निर्माता बाबासाहेब भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देती हूं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं और विश्व स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-“देश सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने में जुटा है”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रेरणा स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि भारत आज अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि “सभी देशवासियों की ओर से भारत रत्न पूज्य बाबासाहेब को कोटि-कोटि नमन। यह उन्हीं की प्रेरणा है कि देश सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है।”इसके साथ ही पीएम मोदी ने बाबासाहेब की 69वीं पुण्यतिथि पर भी उन्हें याद किया और कहा कि राष्ट्र उनकी दृष्टि को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
69वीं पुण्यतिथि पर भी देशभर में श्रद्धांजलि सभाएँ
अंबेडकर जयंती के साथ ही शुक्रवार को देशभर में उनकी महापरिनिर्वाण दिवस (6 दिसंबर 1956) पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति मुर्मु ने भुवनेश्वर के एजी स्क्वायर पर जाकर अंबेडकर प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी और फिर अपने मयूरभंज जिले के दौरे पर रवाना हुईं।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे: “बाबासाहेब के आदर्शों की रक्षा जरूरी”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि“बाबासाहेब ने जीवनभर स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। आज उनके आदर्शों की सुरक्षा करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”कांग्रेस पार्टी ने भी अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा कि अंबेडकर के विचार युगों-युगों तक मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति धनखड़ व अन्य नेताओं ने भी किया नमन
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोशल मीडिया पर अपनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि“महान दूरदर्शी और संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर का सामाजिक असमानताओं के खिलाफ संघर्ष सभी के लिए प्रेरणा है।”लोकसभा स्पीकर ओम बिर्ला ने अंबेडकर को राष्ट्रनिर्माता और सामाजिक न्याय के प्रहरी बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अंबेडकर के विचारों और योगदान के लिए राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।
बाबासाहेब का पूरा जीवन वंचितों, शोषितों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष में बीता। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार माना और महिलाओं के अधिकारों के लिए भी कई ऐतिहासिक प्रयास किए।भारत की लोकतांत्रिक संरचना, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय प्रणाली को दिशा देने में उनका योगदान अमूल्य है।









