Asian Archery Championships में भारतीय तीरंदाजी टीम का शानदार प्रदर्शन, 6 गोल्ड मेडल सहित 10 पदक जीते

एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।24वीं एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में भारत ने 6 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 10 पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 का 24वां संस्करण ढाका, बांग्लादेश में आयोजित किया गया था। जो 8 से 14 नवंबर 2025 तक चला।यह भारतीय तीरंदाजी टीम का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन माना जा रहा है।खासकर पुरुष रिकर्व स्पर्धा में 18 वर्षों के अंतराल के बाद भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर देशवासियों का गर्व से सिर ऊंचा कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय तीरंदाजी टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सोशल मीडिया पर बधाई दी और खिलाड़ियों की प्रशंसा की।

गोल्डन एरो

भारत की सफलता में अंकिता भक्त और धीरज बोम्मादेवरा का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।अंकिता भक्त ने महिला रिकर्व फाइनल में ओलंपिक रजत पदक विजेता साउथ कोरिया की नाम सुह्योन को 7-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। उनके स्वर्ण यात्रा में पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी को सेमीफाइनल शूट-ऑफ में पराजित करना भी शामिल था।पुरुष रिकर्व में, धीरज बोम्मादेवरा ने हमवतन राहुल को 6-2 से हराकर भारत को 18 वर्षों के बाद पुरुष रिकर्व स्वर्ण पदक दिलाया। इन उपलब्धियों के साथ-साथ  टीम प्रदर्शन ने भारत की पदक तालिका में वृद्धि की और देश को एशियाई तीरंदाजी में एक नई पहचान दिलाई।इस प्रदर्शन ने भारतीय तीरंदाजी की सर्वांगीण ताकत और बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया।

कोरिया का दबदबा टूटा

पिछले 12 वर्षों से दक्षिण कोरिया ने एशिया में रिकर्व स्पर्धा में दबदबा बनाए रखा था। इस चैंपियनशिप में भारत की जीत ने इस प्रभुत्व को चुनौती दी। विशेष रूप से पुरुष टीम रिकर्व में स्वर्ण जीतना एक बड़ा बदलाव है, जो भारत को एशियाई तीरंदाजी में एक उभरती महाशक्ति के रूप में स्थापित करता है।भारत की यह ऐतिहासिक सफलता न केवल एशियाई मंच पर हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि आने वाले वर्षों में भारतीय तीरंदाजी के लिए प्रेरणा और विकास की नई दिशा भी निर्धारित करती है।

 

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