असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मज़बूत बनाए रखने के लिए कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घोषणा दिल्ली में हाल ही में हुए धमाकों के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ की गई है। राज्य में अब तक कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।असम पुलिस ने इस मामले मे कार्रवाई को तेज कर दिया है।

असम के मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा, “कल की गई 6 गिरफ्तारियों के अलावा, रातभर में हमने 9 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। असम पुलिस हिंसा का महिमामंडन करने वालों के खिलाफ कोई समझौता नहीं करती।”पुलिस ने बताया कि सभी गिरफ्तारियों का मकसद उन व्यक्तियों को रोकना था जिन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट या साझा की थी जो कथित तौर पर आतंकवादी कृत्यों का महिमामंडन करती थी या सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास करती थी।
साइबर सेल की सतर्कता
असम पुलिस की साइबर टीम लगातार ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार के दुरुपयोग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा, “हम हिंसा को बढ़ावा देने या सार्वजनिक शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शेंगे नहीं। सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में दिल्ली में हुए विस्फोट को “उग्रवाद का एक नया आयाम” बताया और कहा कि देश को यह समझने की जरूरत है कि लोगों को आतंक और वैचारिक हिंसा की ओर क्या प्रेरित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिक्षा ही कट्टरपंथ को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि सख्ती से कानून लागू करना भी आवश्यक है।
असम सरकार का यह कदम सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के खिलाफ कड़ा संदेश है। राज्य के नागरिकों को याद दिलाया गया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए खतरा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और असम पुलिस की यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि राज्य में सुरक्षा, कानून और सामाजिक शांति बनाए रखी जाए।







