सीरिया में ISIS पर अमेरिका का बड़ा हमला, ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ से कांपा ISIS,70 से ज्यादा ठिकाने किए तबाह

अमेरिका ने शुक्रवार को सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके 70 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा प्रिसिजन म्यूनिशन का इस्तेमाल किया गया, जिससे आतंकियों के ठिकाने, हथियार गोदाम और इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तबाह हो गए।यह कार्रवाई 13 दिसंबर को सीरिया के प्राचीन शहर पलमायरा में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक (लोकल ट्रांसलेटर) की मौत हो गई थी।

‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ क्यों रखा गया नाम?

इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ नाम दिया गया है। इसकी वजह यह है कि हमले में मारे गए दोनों अमेरिकी सैनिक आयोवा राज्य से थे, जिसे अमेरिका में ‘हॉकआई स्टेट’ कहा जाता है।दोनों आयोवा नेशनल गार्ड से जुड़े थे। इस हमले में तीन अन्य अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए हैं।

ट्रम्प का कड़ा संदेश: “हमलावरों को छोड़ा नहीं जाएगा”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने Truth Social पर लिखा कि“हम उन खूनी आतंकियों के खिलाफ बहुत गंभीर जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। मैंने जो वादा किया था, उसे पूरा कर रहा हूँ। जो भी अमेरिकियों पर हमला करेगा, उसे पहले से कहीं ज्यादा कठोर जवाब मिलेगा।”ट्रम्प ने यह भी कहा कि शहीद सैनिकों के शव पूरे सम्मान के साथ अमेरिका लाए गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ बोले– यह युद्ध नहीं, बदला है

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि“यह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं है। यह हमारे नायकों की हत्या का बदला है। अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाते हैं, तो अमेरिका आपको ढूंढेगा, पकड़ेगा और बेरहमी से मारेगा।”उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपने नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा से कभी पीछे नहीं हटेगा।

पहले भी हुए थे छोटे ऑपरेशन

पलमायरा हमले के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने सीरिया और इराक में 10 छोटे ऑपरेशन चलाए थे, जिनमें 23 आतंकियों को मार गिराया गया या गिरफ्तार किया गया था।इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह बड़ा हवाई हमला किया गया

ISIS ने जिम्मेदारी नहीं ली, फिर भी कार्रवाई क्यों?

हालांकि ISIS ने 13 दिसंबर के हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली, और कुछ सीरियाई अधिकारियों ने हमलावर के सीधे ISIS कनेक्शन पर सवाल उठाए हैं।इसके बावजूद अमेरिका का दावा है कि जिन ठिकानों पर हमला किया गया, वे ISIS नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

सीरिया में अब भी सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सीरिया में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक अब भी मौजूद हैं, जो ISIS के खिलाफ चल रहे अंतरराष्ट्रीय अभियान ‘ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व’ का हिस्सा हैं।इस साल की शुरुआत में आयोवा नेशनल गार्ड के करीब 1,800 सैनिक मिडिल ईस्ट भेजे गए थे।

अमेरिका ने साफ संदेश दे दिया है कि अपने सैनिकों पर हुए किसी भी हमले का जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा।ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक को ISIS के बचे हुए नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

 

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