स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की आपूर्ति पर बड़ा असर डाल सकती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में तनाव को बेहद गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से पश्चिम एशिया में हालात और अधिक अस्थिर हो सकते हैं। पहले से ही क्षेत्र में कई देशों के बीच तनाव बना हुआ है, और ऐसे में किसी भी बड़े हमले का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे सकता है। अमेरिका की ओर से यह साफ किया गया है कि यह कार्रवाई सीमित और सुरक्षा आधारित थी, लेकिन ईरान की प्रतिक्रिया को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस टकराव के और बढ़ने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।

बंदर अब्बास में मिसाइल साइट पर भी हमला
इसके अलावा अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास क्षेत्र में एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) साइट पर भी हमला किया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस मिसाइल साइट ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. जवाबी हमले में मिसाइल लॉन्चर और संबंधित सैन्य ढांचे को तबाह कर दिया गया. फॉक्स न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह हमला सीमित दायरे में रखा गया और इसका उद्देश्य ईरान के साथ जारी संघर्ष को और बढ़ाना नहीं था. अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई युद्धविराम खत्म होने का संकेत नहीं है. वहीं इस घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को फिर बढ़ा दिया है. घटनाक्रम के दौरान दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं. ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास, सीरिक और जास्क के पास धमाकों की पुष्टि की. ये सभी इलाके रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित हैं, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात गुजरता है. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बाद में कहा कि फिलहाल सैन्य कार्रवाई समाप्त हो चुकी है, लेकिन क्षेत्र में अमेरिकी बल पूरी सतर्कता बनाए हुए हैं.