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ट्रंप के भाषणों पर दांव, पूर्व कर्मचारी पर भारी जुर्माना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी का कथित तौर पर निजी आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के मामले में व्हाइट हाउस के पूर्व कर्मचारी गैब्रियल पेरेज पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) ने उनके खिलाफ समझौते के तहत 1.72 लाख डॉलर से अधिक की रकम चुकाने का आदेश दिया है। गैब्रियल पेरेज व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के पद पर काम कर चुके हैं। इस जिम्मेदारी के चलते उन्हें राष्ट्रपति के सार्वजनिक संबोधनों से पहले भाषणों की सामग्री और संभावित शब्दों से संबंधित जानकारी तक पहुंच मिलती थी। आरोप है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल उन्होंने प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग के दौरान किया। पेरेज ने दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कई ट्रेड किए। इन ट्रेडों का संबंध ट्रंप के भाषणों में किसी विशेष शब्द, विषय या संदर्भ के इस्तेमाल की संभावना से था। ऐसी जानकारी आम लोगों के लिए सार्वजनिक होने से पहले उपलब्ध होने के कारण इन ट्रेडों पर नियामक की नजर गई। प्रेडिक्शन मार्केट ऐसे प्लेटफॉर्म होते हैं जहां लोग भविष्य में होने वाली किसी घटना के संभावित परिणाम पर आर्थिक दांव लगाते हैं। राजनीतिक भाषण भी इन बाजारों का हिस्सा हो सकते हैं। मसलन, बाजार में यह अनुमान लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति किसी संबोधन में किसी खास देश, मुद्दे या राजनीतिक नारे का उल्लेख करेंगे या नहीं। पेरेज के पास ऐसी जानकारी थी जो आम बाजार प्रतिभागियों के पास उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से उनके ट्रेडिंग फैसलों को लेकर हितों के टकराव और गोपनीय जानकारी के अनुचित इस्तेमाल का मुद्दा सामने आया। CFTC की कार्रवाई के तहत पेरेज को ट्रेडिंग से हासिल करीब 1,07,539 डॉलर का लाभ वापस करना होगा। इसके अतिरिक्त 65,000 डॉलर का नागरिक जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों रकम को मिलाकर उनकी वित्तीय देनदारी 1.72 लाख डॉलर से अधिक हो जाती है। मामले में सिर्फ आर्थिक कार्रवाई ही नहीं हुई है। समझौते के तहत पेरेज को तीन साल तक ट्रेडिंग गतिविधियों से दूर रहना होगा। नियामक ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पेरेज की ओर से किए गए सहयोग को ध्यान में रखा गया और उनके सहयोग को महत्वपूर्ण माना गया।

इस प्रकरण का पता प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म कालशी की ओर से चली जांच के बाद लगा। कंपनी ने अपने बाजार में कुछ असामान्य गतिविधियों को नोटिस किया था। इसके बाद अकाउंट से संबंधित उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण किया गया और संदिग्ध ट्रेडिंग से जुड़े व्यक्ति की पहचान की गई। संबंधित यूजर संघीय सरकार में कार्यरत था और व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर से जुड़ी जिम्मेदारी संभालता था। कंपनी ने इस गतिविधि की जानकारी CFTC को दी, जिसके बाद नियामकीय प्रक्रिया आगे बढ़ी। यह मामला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रपति के भाषणों में इस्तेमाल होने वाले शब्द और घोषणाएं कई बार वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकती हैं। किसी बड़े राजनीतिक बयान से निवेशकों की धारणा बदल सकती है और शेयर, मुद्रा या अन्य वित्तीय बाजारों में तत्काल हलचल देखने को मिल सकती है। इसी वजह से सरकारी कर्मचारियों के लिए गैर-सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए न करने के नियम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। व्हाइट हाउस की ओर से भी कर्मचारियों और सहयोगियों को प्रेडिक्शन मार्केट में दांव लगाने से बचने की चेतावनी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले पर व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इससे पहले प्रशासन की तरफ से बताया गया था कि पेरेज को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा गया था और उन्हें उनकी पुरानी भूमिका में वापस नहीं लाया जाएगा। गैब्रियल पेरेज से जुड़ी यह कार्रवाई सरकारी पदों पर काम करने वाले लोगों के लिए भी एक बड़ा संदेश मानी जा रही है। खासकर ऐसे समय में जब प्रेडिक्शन मार्केट राजनीतिक घटनाओं और सार्वजनिक बयानों को लेकर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, गोपनीय जानकारी और निजी ट्रेडिंग के बीच की सीमा पर नियामकों की निगरानी बढ़ना स्वाभाविक है।

ट्रंप के भाषणों की जानकारी के आधार पर लगाए दांव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषणों से जुड़ी ऐसी जानकारी का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है, जो उस समय आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थी। इस मामले में व्हाइट हाउस के पूर्व टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर गैब्रियल पेरेज पर अमेरिकी नियामक ने कार्रवाई की है। आरोप है कि उन्होंने भाषणों में संभावित रूप से कही जाने वाली बातों का अनुमान लगाकर प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग की। मामला दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच की ट्रेडिंग गतिविधियों से जुड़ा बताया गया है। इस दौरान पेरेज ने कालशी नाम के प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म पर ऐसे बाजारों में लेनदेन किया, जिनका संबंध राष्ट्रपति ट्रंप के भाषणों में संभावित शब्दों और विषयों से था। प्रेडिक्शन मार्केट में किसी घटना के संभावित परिणाम को लेकर लोग अपनी भविष्यवाणी के आधार पर आर्थिक दांव लगाते हैं। राजनीतिक हस्तियों के भाषण भी ऐसे बाजारों का हिस्सा बन सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को भाषण की सामग्री पहले से पता हो, तो वह दूसरे प्रतिभागियों की तुलना में बेहतर स्थिति में हो सकता है। पेरेज के पास ट्रंप के संबोधनों से संबंधित ऐसी जानकारी थी, जो सार्वजनिक होने से पहले उन्हें अपने काम के कारण हासिल हुई थी। आरोप है कि उन्होंने इस जानकारी को अपने ट्रेडिंग फैसलों में इस्तेमाल किया और इससे आर्थिक फायदा हासिल किया। अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी CFTC ने मामले में पेरेज को करीब 1,07,539.02 डॉलर का मुनाफा वापस करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा उनके ऊपर 65,000 डॉलर का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। इस तरह पेरेज को कुल मिलाकर 1.72 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम चुकानी होगी। नियामक की कार्रवाई का उद्देश्य कथित तौर पर अनुचित तरीके से हासिल किए गए आर्थिक लाभ को वापस लेना और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना है।

CFTC ने समझौते की घोषणा करते हुए कहा कि पेरेज ने राष्ट्रपति के भाषणों से संबंधित पहले से उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करके ट्रेड लगाए। नियामक ने इस आचरण को उनकी पेशेवर जिम्मेदारियों और गोपनीय जानकारी को संभालने से जुड़े भरोसे के अनुरूप नहीं माना। इस मामले में जानकारी के सार्वजनिक होने से पहले उसके इस्तेमाल का सवाल सबसे अहम है। किसी सार्वजनिक भाषण में क्या कहा जाएगा, इसकी जानकारी अगर पहले से किसी सीमित व्यक्ति या समूह के पास हो और उसी आधार पर बाजार में आर्थिक दांव लगाए जाएं, तो इससे बाजार की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। मामले की जांच के दौरान पेरेज की ओर से नियामक के साथ किए गए सहयोग को भी ध्यान में रखा गया। CFTC ने उनके सहयोग को महत्वपूर्ण माना और इसी आधार पर नागरिक दंड की राशि को कम किए जाने की बात सामने आई है। यह प्रकरण कालशी के प्रेडिक्शन मार्केट पर हुई गतिविधियों से जुड़ा है। प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति के भाषणों में किसी खास शब्द, देश या राजनीतिक मुद्दे के उल्लेख को लेकर बाजार बनाए जा सकते हैं। ऐसे बाजारों में छोटी-सी सूचना भी ट्रेडिंग के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। कालशी ने संदिग्ध गतिविधि का पता चलने के बाद संबंधित अकाउंट से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके जरिए उस यूजर की पहचान की गई, जिसके बारे में बताया गया कि वह संघीय सरकार में कार्यरत था और व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के रूप में काम कर चुका था। यह मामला सरकारी कर्मचारियों के लिए गोपनीय जानकारी के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। सरकारी पद पर रहते हुए मिलने वाली ऐसी जानकारी, जो आम जनता को उपलब्ध नहीं है, उसका निजी आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना गंभीर नियामकीय चिंता का विषय बन सकता है। इस पूरे प्रकरण के बाद प्रेडिक्शन मार्केट में सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी और हितों के टकराव को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। खासकर राष्ट्रपति के भाषणों जैसे संवेदनशील आयोजनों से जुड़े कर्मचारियों पर यह जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि उनके पास मौजूद गैर-सार्वजनिक जानकारी किसी निजी ट्रेडिंग गतिविधि का आधार न बने।

तीन साल तक ट्रेडिंग पर रोक

व्हाइट हाउस के पूर्व कर्मचारी गैब्रियल पेरेज से जुड़े मामले में अमेरिकी नियामक ने कार्रवाई पूरी कर दी है। ट्रंप के भाषणों से संबंधित जानकारी के आधार पर प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग करने के मामले में उनके खिलाफ वित्तीय दंड के साथ-साथ भविष्य की ट्रेडिंग गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। जांच के दौरान पेरेज ने अधिकारियों के साथ सहयोग किया। अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) ने उनके सहयोग को गंभीरता से लिया और इसे सकारात्मक रूप से दर्ज किया। इसी वजह से उनके ऊपर लगाए जाने वाले नागरिक जुर्माने की राशि में कुछ राहत दी गई। जांच में सहयोग करने के बावजूद पेरेज को मामले में पूरी तरह राहत नहीं मिली। नियामक के समझौते के तहत उन्हें तीन साल की अवधि तक ट्रेडिंग करने से रोक दिया गया है। इस पाबंदी का उद्देश्य भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति को रोकना माना जा रहा है। पेरेज के खिलाफ कार्रवाई उस ट्रेडिंग गतिविधि से जुड़ी है, जिसमें ट्रंप के भाषणों में संभावित रूप से कही जाने वाली बातों से संबंधित बाजारों में दांव लगाए गए थे। उनके पास व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के तौर पर काम करने के कारण भाषणों से जुड़ी कुछ जानकारी पहले से मौजूद होने की बात सामने आई थी। नियामक ने इस मामले में गोपनीय जानकारी के इस्तेमाल को महत्वपूर्ण माना। सरकारी जिम्मेदारी के दौरान हासिल होने वाली गैर-सार्वजनिक जानकारी का निजी आर्थिक लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने पर हितों के टकराव और भरोसे से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। मामले में वित्तीय कार्रवाई भी की गई है। पेरेज को ट्रेडिंग से हासिल किए गए मुनाफे की राशि वापस करने के अलावा अलग से नागरिक जुर्माना भी देना होगा। इन दोनों कार्रवाइयों के जरिए नियामक ने कथित अनुचित लाभ को वापस लेने और नियमों के उल्लंघन पर दंड तय करने का संदेश दिया है।

इस पूरे प्रकरण पर व्हाइट हाउस की ओर से अब तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन इस समझौते और तीन साल की ट्रेडिंग पाबंदी को लेकर आगे क्या रुख अपनाता है। इससे पहले जुलाई में तत्कालीन व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पेरेज की स्थिति को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि पेरेज को बिना वेतन अवकाश पर भेज दिया गया है और उनकी पुरानी जिम्मेदारी पर वापसी नहीं होगी। पेरेज की भूमिका को देखते हुए यह मामला खास तौर पर संवेदनशील माना गया। टेलीप्रॉम्प्टर से जुड़े कर्मचारी राष्ट्रपति के भाषणों की तैयारी और प्रस्तुति के दौरान महत्वपूर्ण सामग्री के संपर्क में रह सकते हैं। ऐसे में उनके पास उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल किसी निजी आर्थिक गतिविधि में होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। नियामक की कार्रवाई यह भी दिखाती है कि प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले लोगों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ रही है। खासकर तब, जब किसी बाजार में दांव लगाने वाले व्यक्ति को किसी घटना के बारे में आम लोगों से पहले जानकारी मिलती हो। इस मामले में तीन साल की पाबंदी को एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। इसका सीधा असर पेरेज की भविष्य की ट्रेडिंग गतिविधियों पर पड़ेगा और वह निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित बाजारों में ट्रेडिंग नहीं कर सकेंगे। पूरे घटनाक्रम ने सरकारी कर्मचारियों के लिए गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा और निजी आर्थिक हितों के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। राष्ट्रपति के भाषण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों से जुड़ी जानकारी बाजार में आर्थिक फैसलों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए ऐसी जानकारी के इस्तेमाल को लेकर नियमों का पालन बेहद अहम माना जाता है।

कालशी ने पकड़ी थी असामान्य गतिविधि

ट्रंप के भाषणों से जुड़ी ट्रेडिंग गतिविधि के मामले में प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म कालशी की भूमिका भी सामने आई है। प्लेटफॉर्म ने ऐसी गतिविधियों की पहचान की, जिन्हें सामान्य ट्रेडिंग पैटर्न से अलग माना गया। इसके बाद संबंधित जानकारी नियामकीय एजेंसियों तक पहुंचाई गई। कालशी के प्रमुख वकील बॉबी डीनेउल्ट ने नियामक की कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने वाले किसी भी व्यक्ति को नियमों का पालन करना जरूरी है। अगर कोई यूजर प्लेटफॉर्म के नियमों या संघीय कानून की सीमाओं को पार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। वकील की टिप्पणी से साफ है कि कालशी अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाली ट्रेडिंग को लेकर नियमों के पालन पर जोर दे रहा है। खासकर ऐसे मामलों में निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां किसी यूजर के पास आम बाजार प्रतिभागियों की तुलना में अतिरिक्त जानकारी होने की आशंका हो। कालशी के बाजारों में कई तरह की सार्वजनिक घटनाओं को लेकर अनुमान लगाए जाते हैं। इनमें राजनीतिक नेताओं के भाषण भी शामिल हो सकते हैं। यूजर्स इस बात पर ट्रेड कर सकते हैं कि किसी भाषण में कोई खास शब्द, देश का नाम या राजनीतिक नारा सुनने को मिलेगा या नहीं। इस तरह के बाजारों को आम तौर पर ‘मेंटशन मार्केट्स’ कहा जाता है। इनमें किसी घटना के परिणाम के बजाय यह अनुमान लगाया जाता है कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या भाषण में कोई विशेष बात कही जाएगी या नहीं। ट्रंप जैसे प्रमुख राजनीतिक नेता के भाषणों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों पर भी इस तरह के बाजार बनाए जा सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण भाषण में कही गई बात से राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ वित्तीय बाजारों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। कालशी के विश्लेषकों ने ऐसे ही एक बाजार में असामान्य गतिविधि पर ध्यान दिया था। कंपनी के मुताबिक, ट्रेडिंग के पैटर्न की जांच के दौरान कुछ ऐसी जानकारी सामने आई, जिसके बाद संबंधित अकाउंट की पड़ताल आगे बढ़ाई गई। कंपनी ने उपलब्ध अकाउंट डेटा का विश्लेषण करके यूजर की पहचान से जुड़ी जानकारी हासिल की। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति संघीय सरकार में कार्यरत था और व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के रूप में जिम्मेदारी निभा चुका था।

इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि टेलीप्रॉम्प्टर से जुड़े कर्मचारी राष्ट्रपति के भाषणों की सामग्री के संपर्क में आ सकते हैं। भाषण में इस्तेमाल होने वाले शब्दों या विषयों की जानकारी सार्वजनिक होने से पहले मिलना किसी प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले व्यक्ति को संभावित बढ़त दे सकता है। कालशी ने इस गतिविधि को लेकर नियामक को जानकारी उपलब्ध कराई। इसके बाद मामला अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी CFTC की जांच के दायरे में आया और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। मामले ने प्रेडिक्शन मार्केट में उपलब्ध जानकारी की संवेदनशीलता पर भी ध्यान खींचा है। जहां आम यूजर सार्वजनिक खबरों और घटनाओं के आधार पर अनुमान लगाता है, वहीं किसी अंदरूनी जानकारी तक पहुंच रखने वाला व्यक्ति पहले से बेहतर स्थिति में हो सकता है। इसी वजह से ऐसे प्लेटफॉर्म पर असामान्य ट्रेडिंग पैटर्न की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। खासकर राष्ट्रपति के भाषण, चुनाव, नीतिगत घोषणाएं या अन्य बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे क्षेत्र हैं, जहां छोटी-सी जानकारी भी बाजार में बड़े बदलाव का कारण बन सकती है। कालशी की ओर से सामने आया यह मामला यह भी बताता है कि प्रेडिक्शन मार्केट केवल मनोरंजन या सामान्य अनुमान तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन प्लेटफॉर्म पर होने वाली गतिविधियां नियामकीय निगरानी और कानूनी जिम्मेदारियों के दायरे में भी आ सकती हैं। अब इस मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि सरकारी पद से जुड़ी गैर-सार्वजनिक जानकारी का इस्तेमाल निजी आर्थिक लाभ के लिए किया गया या नहीं। इसी सवाल के आधार पर नियामक की कार्रवाई ने सरकारी कर्मचारियों और प्रेडिक्शन मार्केट में ट्रेडिंग के बीच संबंध को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कंपनी ने डेटा से कर्मचारी की पहचान की

ट्रंप के भाषणों से जुड़े प्रेडिक्शन मार्केट में हुई संदिग्ध ट्रेडिंग की जांच में कालशी की निगरानी व्यवस्था अहम साबित हुई। प्लेटफॉर्म के विश्लेषकों ने कुछ ऐसे लेनदेन देखे, जो सामान्य गतिविधियों से अलग नजर आ रहे थे। इसके बाद इन ट्रेडों से जुड़े अकाउंट की जानकारी की जांच शुरू की गई। कंपनी ने अपने स्तर पर उपलब्ध अकाउंट संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसी प्रक्रिया में उस यूजर की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। कंपनी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति अमेरिकी संघीय सरकार से जुड़ा कर्मचारी था। जांच में यह भी पता चला कि संबंधित यूजर व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के रूप में काम करता था। इस पद की वजह से वह राष्ट्रपति के भाषणों की सामग्री और संबोधन की तैयारी से जुड़ी जानकारी के संपर्क में रह सकता था। यही पहलू इस मामले को गंभीर बनाता है। किसी राष्ट्रपति के भाषण में कौन-सा शब्द या विषय शामिल होगा, इसकी जानकारी सार्वजनिक होने से पहले मिलना प्रेडिक्शन मार्केट में दांव लगाने वाले व्यक्ति के लिए संभावित फायदा पैदा कर सकता है। कालशी ने संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी CFTC को दी। इसके बाद नियामक ने मामले की जांच की और संबंधित कर्मचारी की ट्रेडिंग गतिविधियों को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ाई। कंपनी की ओर से पहले यह भी बताया गया था कि राजनीतिक हस्तियों से जुड़े भाषणों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों का वित्तीय बाजारों पर व्यापक असर पड़ सकता है। राष्ट्रपति, बड़े राजनीतिक नेताओं या फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियां निवेशकों की उम्मीदों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे बयानों का असर केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहता। किसी महत्वपूर्ण घोषणा या संकेत के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल हो सकती है। इसी तरह तेल वायदा और शेयर बाजार में भी कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिल सकता है। भाषणों से जुड़े प्रेडिक्शन मार्केट में उपलब्ध जानकारी की संवेदनशीलता काफी बढ़ जाती है। यदि किसी व्यक्ति को किसी सार्वजनिक बयान के बारे में पहले से संकेत मिल जाए और वह उसी आधार पर ट्रेड करे, तो उसे अन्य बाजार प्रतिभागियों पर बढ़त हासिल हो सकती है। कालशी के ‘मेंटशन मार्केट्स’ में इसी तरह की भविष्यवाणियों पर ट्रेडिंग की जाती है। यहां यूजर्स यह अनुमान लगाते हैं कि किसी वक्ता के भाषण में कोई खास शब्द, देश का नाम या चुनाव से जुड़ा नारा सुनने को मिलेगा या नहीं।

राष्ट्रपति के भाषणों को लेकर बनाए गए ऐसे बाजारों में सही अनुमान लगाने के लिए सार्वजनिक जानकारी के साथ-साथ घटनाक्रम की समझ भी जरूरी होती है। लेकिन अगर किसी ट्रेडर के पास ऐसी जानकारी हो जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, तो मामला सामान्य अनुमान से अलग हो जाता है। कालशी द्वारा संदिग्ध अकाउंट की पहचान किए जाने और जानकारी नियामक तक पहुंचाए जाने के बाद इस मामले ने प्रेडिक्शन मार्केट की निगरानी पर भी ध्यान खींचा है। इससे यह सवाल सामने आया है कि संवेदनशील सरकारी जानकारी तक पहुंच रखने वाले लोग इन प्लेटफॉर्म पर किस सीमा तक कारोबार कर सकते हैं। यह प्रकरण यह भी दिखाता है कि डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर असामान्य लेनदेन की निगरानी कितनी महत्वपूर्ण हो गई है। खासकर राजनीतिक घटनाओं और बड़े सरकारी बयानों से जुड़े बाजारों में छोटी-सी अंदरूनी जानकारी भी किसी ट्रेड की दिशा बदल सकती है। मामले में नियामकीय कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों की पेशेवर जिम्मेदारियों और निजी ट्रेडिंग के बीच स्पष्ट सीमाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है। सार्वजनिक पद से जुड़े लोगों के लिए यह जरूरी माना जाता है कि उनके काम के दौरान हासिल संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल निजी आर्थिक फायदे के लिए न हो।

व्हाइट हाउस ने कर्मचारियों को दी थी चेतावनी

व्हाइट हाउस प्रबंधन कार्यालय ने जुलाई में कर्मचारियों और सहकर्मियों को एक पत्र भेजा था। उन्हें प्रेडिक्शन मार्केट्स में किसी प्रकार का दांव लगाने से दूर रहने के लिए कहा गया था। पेरेज को कथित ट्रेडिंग से प्राप्त लगभग 1,07,539 डॉलर का लाभ वापस करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, उन पर 65,000 डॉलर का नागरिक जुर्माना लगाया गया है। इस तरह, उन्हें कुल मिलाकर 1.72 लाख डॉलर से अधिक का भुगतान करना होगा। CFTC ने समझौते की जानकारी देते हुए कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर, पेरेज ने जिस गैर-सार्वजनिक जानकारी को अपने पास रखा, उसका उपयोग ट्रेडिंग में किया। नियामक ने इसे उनकी पेशेवर जिम्मेदारियों और गोपनीयता से जुड़े दायित्वों का उल्लंघन माना। जांच में पेरेज के सहयोग को भी नियामक ने सराहा। CFTC के अनुसार, उनके सहयोग को असाधारण माना गया, जिसके कारण नागरिक जुर्माने की राशि कम की गई। इसके बावजूद, समझौते के तहत उन पर तीन साल तक ट्रेडिंग करने पर प्रतिबंध रहेगा। इस मामले में कालशी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। प्लेटफॉर्म ने असामान्य ट्रेडिंग गतिविधियों की पहचान की थी। इसके बाद, उपलब्ध अकाउंट डेटा और अन्य जानकारियों के आधार पर संदिग्ध उपयोगकर्ता को पहचाना गया। कंपनी ने बाद में इस मामले की जानकारी संघीय नियामक को दी। संबंधित अकाउंट से जुड़ा व्यक्ति संघीय सरकार में कार्यरत था और व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर का कार्य करता था। प्लेटफॉर्म ने ऐसे बाजारों में संवेदनशील जानकारियों के प्रभाव को लेकर भी चिंता व्यक्त की थी, क्योंकि राष्ट्रपति या अन्य उच्च अधिकारियों के भाषण वित्तीय बाजारों में तेजी से प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकते हैं। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद, व्हाइट हाउस के कर्मचारियों के लिए प्रेडिक्शन मार्केट से जुड़े नियमों पर सवाल उठाए गए।

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