यूएस-ईरान वार्ता दूसरा दौर जल्द ईरान ने शर्तों में नरमी दिखाई

America और Iran के बीच शांति वार्ता की तैयारी जोर पकड़ रही है ईरान ने वार्ता में शामिल होने की अपनी सबसे महत्वपूर्ण शर्त स्वीकार कर ली है अमेरिका ने भी पीस टॉक 2 के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पहल को मंजूरी दी है विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता क्षेत्रीय तनाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है दोनों देशों के प्रतिनिधि जल्द ही बैठक की तारीख और स्थान पर अंतिम फैसला करेंगे यूएस और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कुछ लचीलापन दिखाया है इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच संवाद का मार्ग खुल रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव को कम करने और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद कर सकता है |

America और Iran के बीच पाकिस्तान में हुई पहली दौर की बातचीत असफल हो गई है, लेकिन अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि दूसरे दौर की बातचीत जल्द शुरू हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि ईरान चर्चा के लिए इच्छुक है और उसने अमेरिका को वार्ता के लिए फिर से संदेश भेजा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी उल्लेख किया है कि इस्लामाबाद बातचीत में ईरान के साथ समझौते में कुछ सुधार हुआ है। अमेरिकी नेताओं की ये टिप्पणियाँ संकेत देती हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ताएँ जल्दी संभव हैं।

ट्रंप ने दूसरे दौर की चर्चा पर क्या बोला?

ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘वे समझौते के लिए बेहद इच्छुक हैं।’ हमें दूसरी ओर से सूचना प्राप्त हुई है. हमनें रास्ता रोक रखा है। वे व्यवसाय नहीं कर रहे हैं। ईरान किसी भी व्यापार में संलग्न नहीं है और हम इसे इसी तरह बनाए रखेंगे। ‘फिलहाल कोई संघर्ष नहीं चल रहा है।’

यूएस राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि यदि वे सहमत नहीं होते तो कोई अन्य विकल्प नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम किसी भी देश को दुनिया को ब्लैकमेल करने की अनुमति नहीं दे सकते। हम इसे होने नहीं देंगे।

वेंस ने कहा – ईरान के साथ संवाद में सुधार आया है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को एक इंटरव्यू में बताया कि ईरान ने परमाणु मामलों पर बातचीत में कुछ सुधार किया है, यानी यह स्पष्ट है कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद का मार्ग खुलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम इस प्रक्रिया को एक बड़े और सफल अनुबंध के जरिए पूरा करना चाहते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रक्रिया को लंबे समय तक खींचने का इरादा नहीं रखते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ईरान को स्वयं पहल करनी होगी।

अमेरिका पर विचार कर रहा तारीख और स्थान

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ईरान के साथ संभावित दूसरी आमने-सामने की बैठक की तैयारियों पर आंतरिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। यह बैठक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच लागू सीजफायर के अगले सप्ताह खत्म होने से पहले की जा सकती है। अमेरिकी सरकार संभावित तिथियों और स्थलों पर विचार कर रही है, यदि अगले दिनों में ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के साथ बातचीत में प्रगति होती है। रिपोर्ट के अनुसार, जिनेवा और इस्लामाबाद आगामी वार्ता के संभावित स्थलों के रूप में उभरे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि तुर्किए अमेरिका और ईरान के बीच के मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहा है।

इस बार बैठक पाकिस्तान में नहीं होगी?

एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिकी अधिकारियों के संदर्भ में जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद या जेनेवा में दूसरी बार वार्ता हो सकती है। यह बातचीत 16 अप्रैल को, अर्थात दो दिन बाद हो सकती है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह निर्धारित नहीं हुआ है कि बैठक किस देश में और कब आयोजित होगी। इस्लामाबाद में आयोजित बातचीत में अमेरिका ने ईरान से 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन समाप्त करने और उसके उच्च स्तर के संवर्धित भंडार को देश से बाहर निकालने की मांग की, जबकि ईरान ने इसे कम अवधि में और नियंत्रित तरीके से घटाने का सुझाव दिया। इस विषय पर विभिन्न विचारों के कारण सहमति नहीं बन पाई। हालांकि अब यह भी पता चला है कि ईरान न्यूक्लियर संवर्धन में कुछ नरमी दिखाने को तैयार है.

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