पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर का 5 दिन का CBI रिमांड मंगलवार (11 नवंबर) को खत्म हो गया।आज उन्हे चंडीगढ़ स्थित CBI स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने DIG भुल्लर को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।सुनवाई के दौरान CBI के वकील ने कोर्ट में कहा कि DIG भुल्लर पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहे हैं और एजेंसी द्वारा पूछे गए सवालों का सही तरीके से जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं, DIG के वकील HS धनोआ ने कोर्ट से अनुरोध किया कि भुल्लर को जेल में मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जज ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए कहा कि इसे जेल प्रशासन को सौंप दिया जाए।

ED की भी हुई एंट्री
इस बीच, इस मामले में अब ED (प्रवर्तन निदेशालय) की भी एंट्री हो गई है। ED की टीम मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित CBI ऑफिस पहुंची, जहां एजेंसी IAS और IPS अफसरों के रिकॉर्ड की जांच करेगी, जिन पर बेनामी संपत्ति बनाने के आरोप हैं।CBI सूत्रों के मुताबिक, इस जांच में अब तक करीब 50 अफसरों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कई वर्तमान में फील्ड पर तैनात हैं। गिरफ्तार बिचौलिए कृष्णु शारदा के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से भ्रष्ट डीलिंग के कई सबूत मिले हैं। CBI का कहना है कि कृष्णु शारदा इन अफसरों के जरिए ट्रांसफर-पोस्टिंग, FIR रद्द करवाने और मामलों को प्रभावित करने का काम करता था।ED के रिकॉर्ड लेने के बाद इन अफसरों के नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं। CBI सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को ED को बेनामी प्रॉपर्टी से जुड़े अब तक सामने आए तथ्यों का रिकॉर्ड सौंपा जाएगा। इसके बाद उन अफसरों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिनके लिंक स्क्रैप कारोबारी से जुड़े हैं।

सोमवार को बिचौलिया कृष्णु शारदा का 4 दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। केस की अगली सुनवाई भी 20 नवंबर को होगी।इस पूरे मामले में CBI और ED की कार्रवाई से स्पष्ट है कि पंजाब में सरकारी अधिकारियों और कुछ बिचौलियों के बीच भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के गहरे लिंक सामने आए हैं। DIG भुल्लर की गिरफ्तारी और अब ED की जांच से इस मामले में और भी कई बड़े नाम सार्वजनिक हो सकते हैं।









