इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में मंगलवार की रात एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना घटी। लगभग 22 किन्नरों ने सामूहिक रूप से फिनाइल पीकर जान देने की कोशिश की। घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग व पुलिस मौके पर पहुंच गए।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी 22 किन्नरों को एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका तत्काल उपचार किया गया।
घटना की पृष्ठभूमि
घटना के पीछे किन्नरों के आपसी विवाद का हाथ बताया जा रहा है।
नंदलालपुरा में किन्नरों के दो गुट लंबे समय से एक-दूसरे के खिलाफ तनाव में थे।
पहला गुट: सपना गुरु का गुटदूसरा गुट: सीमा व पायल गुरु का गुटविवाद के दौरान मंगलवार को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी त्रिपाठी भी इंदौर पहुंचीं और मामले को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की।पहले भी इस मामले में SIT गठित की जा चुकी थी, लेकिन जांच पूरी नहीं हो पाई थी।
फिनाइल पीने के बाद एक गुट ने नंदलालपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।इसके कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और इलाके में काफी देर हंगामा चलता रहा।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गुटों को समझाया और अंततः चक्काजाम खुलवाया।
घटना की वजह
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह सामूहिक आत्महत्या का प्रयास आपसी झगड़े और तनाव का परिणाम था। दोनों गुटों के बीच पुराने विवाद और अनुशासनहीनता ने इस कदम की ओर बढ़ाया।
यह घटना न केवल इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में तनाव पैदा कर गई, बल्कि यह किन्नर समुदाय के अंदर आपसी विवाद और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को भी उजागर करती है। प्रशासन ने घायलों का इलाज सुनिश्चित किया और आगे के लिए चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाओं को दोबारा रोका जाएगा।









