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सुंडरा-हरिपुर सड़क बदहाल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

गांव सुंडरा और हरिपुर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर हालत क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं और सड़क की सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रोजमर्रा का सफर मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को रास्ता समझना कठिन हो जाता है। कई जगहों पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है। पैदल चलने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। रोजाना इसी मार्ग से स्कूल और कार्यस्थलों तक पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ती है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। किसानों के लिए भी यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से वे खेतों तक पहुंचते हैं और अपनी फसल मंडियों तक लेकर जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण कई बार ट्रैक्टर-ट्रालियां और अन्य वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होते हैं और किसानों का समय तथा खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला। हालांकि राहत की बात यह है कि सड़क निर्माण का टेंडर मंजूर हो चुका है और विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

परमजीत कौर, सरपंच, गांव सुंडरा

कर्मचारी और प्रशिक्षु प्रतिदिन इस मार्ग से गुज़रते हैं, लेकिन सड़क की स्थिति लगातार deteriorateो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर पूरी तरह से उखड़ चुकी है। इसके परिणामस्वरूप सड़क पर कीचड़ और पानी जमा रहता है, जिससे यात्रा करना अत्यंत कठिन हो जाता है। ग्रामीण बताते हैं कि सड़क की मरम्मत की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला है। इस मार्ग का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन स्कूल पहुंचने के लिए इसी सड़क का उपयोग करना पड़ता है। खराब सड़क और जलभराव के कारण कई बार उन्हें समय पर स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती है। अभिभावकों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। नौकरीपेशा लोगों को भी हर दिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय सड़क पर मौजूद गड्ढों और कीचड़ के चलते यात्रा में अधिक समय लग जाता है। कई व्यक्तियों का कहना है कि सड़क की स्थिति के कारण वाहन भी तेजी से खरब हो रहे हैं। किसानों के लिए यह सड़क अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी रास्ते से खेतों तक पहुंचा जाता है। कृषि उपकरण, बीज, खाद और अन्य सामान इसी मार्ग से लाए जाते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण कृषि कार्यों की गति प्रभावित हो रही है और किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
गांववासियों ने बताया कि फसल की कटाई और मंडियों तक पहुंचाने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार ट्रैक्टर-ट्रालियां कीचड़ में फंस जाती हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। किसानों का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा मिलने से कृषि गतिविधियां अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेंगी। यह सड़क केवल ग्रामीणों के लिए नहीं, बल्कि पंजाब होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए भमहत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग का उपयोग करते हैं। फिर भी सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीणों के लिए अच्छी खबर यह है कि सड़क निर्माण का टेंडर पास हो चुका है। गांव की सरपंच परमजीत कौर के अनुसार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से इस विषय में चर्चा हो चुकी है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क के बनने से उनकी पुरानी समस्या का हल मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

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