Chandigarh में एक बार फिर सुरक्षा से जुड़ी गंभीर सूचना सामने आई है, जहां पुलिस कंट्रोल रूम को डीसी कार्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के छात्र केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया। धमकी की जानकारी मिलते ही बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दोनों संवेदनशील स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है और आसपास के इलाकों को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर पूरे परिसर में जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। आने-जाने वाले लोगों की भी सख्त निगरानी की जा रही है।
चंडीगढ़ में डीसी कार्यालय और पीयू को बम धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
साइबर टीम को भी जांच में लगाया गया है ताकि धमकी देने वाले कॉल के स्रोत का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में इसे किसी शरारती तत्व की हरकत माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। इस बार कंट्रोल रूम को बताया गया है कि डीसी दफ्तर और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। बम की सूचना मिलने के बाद दोनों संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को और मजबूत कर दिया गया है। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू कर चुकी हैं। आसपास के क्षेत्रों की भी घेराबंदी कर जांच की जा रही है। चंडीगढ़ में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर देने वाली सूचना सामने आई है। पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी मिली है कि डीसी कार्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत गंभीरता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
चंडीगढ़ में बम धमकी के बाद सुरक्षा कड़ी, पुलिस और साइबर टीम जांच में जुटी
धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और दोनों संवेदनशील स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। आसपास के इलाकों को भी सुरक्षा घेरे में लेकर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि एहतियात के तौर पर जांच प्रक्रिया पूरी गंभीरता के साथ जारी है। डीसी कार्यालय और विश्वविद्यालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों की कड़ी निगरानी की जा रही है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही साइबर टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि धमकी भरे कॉल के स्रोत का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत हो सकती है, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

यूनिवर्सिटी परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखना।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में गहन जांच अभियान चला रही हैं। डीसी कार्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है और प्रवेश बिंदुओं पर सख्त जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें लगातार संवेदनशील स्थानों की जांच कर रही हैं। आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है और पुलिस बल को सतर्क मोड पर रखा गया है ताकि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बना रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
साइबर टीम सक्रिय है, हर दिशा से मामले की जांच कर रही है।
धमकी भरे कॉल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम को सक्रिय कर दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ कॉल की लोकेशन और नेटवर्क ट्रेसिंग के जरिए यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कॉल कहां से और किसने की है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह कॉल किसी शरारती तत्व द्वारा की गई हो सकती है, जिसका उद्देश्य केवल अफवाह फैलाना और माहौल को खराब करना हो सकता है। हालांकि, इस संभावना को अभी पूरी तरह से पुष्टि नहीं माना गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रही हैं। कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि सच्चाई तक पहुंचा जा सके। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क रखा गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
प्रशासन की अपील- अफवाहों का ध्यान न रखें
प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सूचनाओं से घबराने की बजाय सतर्क रहना अधिक जरूरी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं और हर संभावित पहलू की जांच की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर टीम भी सक्रिय रूप से काम कर रही है ताकि धमकी भरे कॉल या संदेश के स्रोत का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। तकनीकी जांच के जरिए कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने दोहराया है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों से कहा गया है कि वे सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर साझा करें।