पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों से तनाव बढ़ा हुआ है, वहीं ईरान भी खाड़ी देशों और अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार कर रहा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की गड़गड़ाहट के बीच यह युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
इस बीच, अमेरिका ने ईरान को युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। इसमें प्रमुख शर्तें हैं:
- एक महीने का युद्धविराम लागू करना।
- ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कार्यक्रम बंद करना।
- यूरेनियम संवर्धन रोकना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना और जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना।
- अपने संवर्धित यूरेनियम को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना।
- नतांज, इस्फहान और फोर्डो जैसे परमाणु केंद्रों को नष्ट करना या IAEA के नियंत्रण में देना।
- हिजबुल्ला और हमास जैसे क्षेत्रीय प्रोक्सी समूहों को समर्थन बंद करना।
- मिसाइलों की संख्या सीमित करना और उनका इस्तेमाल केवल आत्मरक्षा तक सीमित रखना।
ईरान ने होर्मुज से पाकिस्तान का जहाज लौटाया
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे पाकिस्तान के कंटेनर जहाज सेलेन को लौटा दिया। जहाज के पास जरूरी परमिशन नहीं थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को पहले ईरान की मेरीटाइम अथॉरिटी से इजाजत लेनी होगी।
भारत में सर्वदलीय बैठक
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh करेंगे। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar, केंद्रीय मंत्री JP Nadda और किरेन रिजिजू शामिल होंगे। बैठक में विदेश सचिव Vikram Misri और पेट्रोलियम सचिव ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया की स्थिति पर जानकारी देंगे।
लेबनान और हिजबुल्ला से हमले
- दक्षिणी लेबनान में इस्राइल के हमले में नौ लोगों की मौत हुई। इसमें छह लोग फलस्तीनी शरणार्थी कैंप में मारे गए।
- हिजबुल्ला ने इस्राइल पर 30 रॉकेट दागे, जिससे इस्राइल के साफेद शहर में सायरन बजने लगे।
इस स्थिति के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। युद्धविराम प्रस्ताव के बावजूद, अभी ईरान की तरफ से आधिकारिक बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।











