प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दो दिवसीय औपचारिक यात्रा पर भूटान पहुँचे है। यह उनके भूटान की चौथी यात्रा है और इसका उद्देश्य भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक दोस्ती और व्यापक साझेदारी को और मजबूत करना है। PM मोदी के दौरे में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम और परियोजनाओं के उद्घाटन शामिल हैं।रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस यात्रा की जानकारी साझा की और बताया कि उनका यह दौरा दोनों देशों के विशेष संबंधों को और गहरा करेगा।
पहले दिन का शेड्यूल (11 नवंबर)
PM मोदी ने अपनी यात्रा के पहले दिन भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक से भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और मित्रता को और मजबूती देने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा, मोदी और भूटान के राजा ने मिलकर 1,020 मेगावॉट क्षमता वाले पुनातसंगचू-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जो दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान को 1,000 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इस वित्तीय मदद का उद्देश्य भूटान के सामाजिक-आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार में सहयोग करना है।

मोदी ने भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंगये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में भी शामिल होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा, वे ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए और शांति के लिए प्रार्थना की। इन अवशेषों को भारत से विशेष रूप से भूटान लाया गया है।
दूसरे दिन का शेड्यूल (12 नवंबर)
दूसरे दिन PM मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग टोबगे से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रेल, सड़क कनेक्टिविटी और अन्य विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान भारत ने भूटान को 10,000 करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की।साथ ही, दोनों देशों ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना में सहयोग और विकास परियोजनाओं के विस्तृत आयामों पर भी बातचीत की। यह बैठक भारत-भूटान सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी को भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इस यात्रा के दौरान, PM मोदी को भूटान के सर्वोच्च नाग रिक सम्मान ऑर्डर ऑफ़ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित किया गया था। वे इस सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले गैर-भूटानी बने। यह सम्मान मोदी के भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करने और भूटानी लोगों के प्रति उनके योगदान के लिए दिया गया था।यह सम्मान 17 दिसंबर 2021 को भूटान के 114वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान घोषित किया गया था। PM मोदी ने इसे 14 करोड़ भारतीयों के नाम समर्पित किया और कहा कि यह दोनों देशों के विशेष बंधन का प्रमाण है।

भूटान में स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी के भूटान आगमन पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने पारो हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया। तोबगे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैं पूरे देश के साथ अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री का भूटान में स्वागत करता हूँ।”
PM मोदी का यह दौरा भारत और भूटान के बीच सहयोग, शांति और विकास की नई दिशा को दिखाने वाला माना जा रहा है। इस यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।










