भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अफ्रीकी देश बोत्सवाना के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। उनकी यह यात्रा भारत और बोत्सवाना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और मजबूती देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की बोत्सवाना की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा है।राष्ट्रपति मुर्मू बोत्सवाना की राजधानी गाबोरोन स्थित सर सेरेत्से खामा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं।जहं उनका भव्य स्वागत हुआ और उन्हे 21 तोपों की सलामी दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।राष्ट्रपति मुर्मू को इस दौरान बोत्सवाना के अधिकारियों गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

भारत-बोत्सवाना रिश्तों में नया अध्याय
बोत्सवाना के राष्ट्रपति कार्यालय में राष्ट्रपति मुर्मू और राष्ट्रपति बोको के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।दोनों देशों ने पारस्परिक हितों के कई क्षेत्रों में नई साझेदारियों और समझौतों पर सहमति जताई।राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना द्वारा भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत चीते भेजने के लिए राष्ट्रपति बोको और बोत्सवाना की जनता का आभार व्यक्त किया। इस यात्रा के दौरान आठ चीतों को क्वारंटाइन सुविधा में छोड़ा गया, जो बोत्सवाना के घान्जी शहर से लाए गए हैं।
भारतीय दवाओं को मिलेगी आसान पहुँच
इस अवसर पर दोनों देशों के बीच फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में एक अहम समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बोत्सवाना के नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती भारतीय दवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में यह सहयोग दोनों देशों के बीच एक साझा मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

संसद को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी यात्रा के दूसरे दिन बोत्सवाना की राष्ट्रीय सभा (नेशनल असेंबली) को संबोधित करेंगी। उनके संबोधन में भारत और अफ्रीका के साझा मूल्यों, लोकतंत्र, विकास और वैश्विक सहयोग पर विशेष जोर रहेगा।इसके अलावा, राष्ट्रपति भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगी और बोत्सवाना में ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगी।
अफ्रीका यात्रा का अंतिम चरण
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा अफ्रीका के दो देशों अंगोला और बोत्सवाना की यात्रा पर है। अंगोला से लौटने के बाद वे देर शाम बोत्सवाना पहुंचीं। इस दौरे के माध्यम से भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है।










