कैरेबियाई देश जमैका में 28 अक्टूबर 2025 को इतिहास के सबसे खतरनाक तूफानों का सामना किया ।इस तूफान का नाम ‘मेलिसा’ है। इस तूफान को संयुक्त राष्ट्र ने इस सदी का सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी बताया है।यह तूफान कैटेगरी-5 के स्तर पर जमैका के दक्षिण-पश्चिमी तट से टकराया। तूफान के समय हवाओं की रफ्तार लगभग 185 मील प्रति घंटे यानी लगभग 295-300 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जो बड़ी-बड़ी इमारतों को भी ध्वस्त कर सकती है और बिजली तथा संचार प्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।मेलिसा तूफान ने पहले हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक में भीषण तबाही मचाई थी। हैती और जमैका में कुल 6 लोगों की मौत हुई है।जबकि डोमिनिकन रिपब्लिक में एक व्यक्ति की जान चली गई। तूफान के चलते जमैका सरकार ने 6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। क्यूबा में भी 6 लाख लोगों को सुरक्षित आश्रयों में भेजा गया। रेड क्रॉस के अनुसार जमैका में लगभग 15 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
जमैका के आपदा जोखिम प्रबंधन परिषद के उपाध्यक्ष ने बताया कि ब्लैक रिवर इलाके में बाढ़ के पानी में कम से कम तीन परिवार अपने घरों में फंस गए हैं। खतरनाक हालात के कारण बचाव दल तुरंत मदद नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “छतें उड़ रही थीं, हम उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि स्थिति सामान्य हो जाए।”प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने देशवासियों से अपील की कि वे घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा, “दुनिया में ऐसा कोई इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है जो कैटेगरी-5 तूफान का सामना बिना नुकसान के कर सके।”

भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
जमैका में लगातार हो रही भारी बारिश और मिट्टी में नमी के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चक्रवात विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि चार मीटर तक तूफानी लहरें उठने की संभावना है और 70 सेंटीमीटर से अधिक बारिश से “विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन” हो सकते हैं।जमैका की मौसम विज्ञान सेवा ने कहा कि लोग घरों में सुरक्षित रहें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। तूफान के चलते लगभग 5 लाख लोग बिजली और संचार सुविधाओं से वंचित हैं।
सरकारी तैयारियां और राहत कार्य
जमैका सरकार ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। सभी एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। राहत और बचाव टीमें तैयार हैं ताकि मौसम सामान्य होने के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया जा सके।संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने भी राहत कार्य शुरू कर दिया है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के माध्यम से प्रभावित लोगों को खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
अटलांटिक महासागर का सबसे शक्तिशाली तूफान
मेलिसा तूफान को अटलांटिक महासागर में अब तक का सबसे शक्तिशाली तूफान माना जा रहा है। अमेरिकी नेशनल हरिकेन सेंटर (NHC) के अनुसार, तूफान जमैका के नेग्रिल से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और क्यूबा के ग्वांतानामो से लगभग 235 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। इसके बाद यह क्यूबा और बहामास की ओर बढ़ सकता है।एलेक्स दासिल्वा, अमेरिकी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी एक्यूवेदर के प्रमुख ने चेतावनी दी कि यह तूफान जमैका के लिए अत्यधिक विनाशकारी साबित हो सकता है और ऐसा तबाही का स्तर है जिसे देश ने पहले कभी नहीं देखा।

तूफान की गंभीरता और भविष्य की आशंका
जमैका के सेंट एलिजाबेथ क्षेत्र में भारी नुकसान की सूचना है, जहां कई इलाके पानी में डूब चुके हैं। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि नुकसान का आंकलन अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि तूफान अभी भी देश को प्रभावित कर रहा है।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे घरों में रहें और मदद आने तक घरों में सुरक्षित रहें। तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में उठ रही ऊंची लहरों के कारण पूरी कैरेबियाई क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
तूफान ‘मेलिसा’ ने जमैका और कैरेबियाई देशों को अपनी पूरी शक्ति से झकझोर दिया है। यह कैटेगरी-5 तूफान, जिसको सदी का सबसे खतरनाक तूफान कहा जा रहा है, लोगों के जीवन और बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर खतरा साबित हो रहा है। सरकार के द्वारा राहत व बचाव कार्य लगातार जारी है।









