ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर स्थित प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यहूदी समुदाय के लोग अपने पवित्र त्योहार हनुक्का के अवसर पर कार्यक्रम मना रहे थे। दो हथियारबंद आतंकवादियों ने अचानक भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस भयावह हमले में 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्ची और एक इजराइली नागरिक भी शामिल हैं, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार और पुलिस ने इसे आतंकी हमला घोषित किया है।

यहूदियों को बनाया गया निशाना
ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय के खिलाफ हमले की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बाद से देश में यहूदी-विरोधी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी।इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को यहूदी विरोधी भावना के बढ़ने को लेकर चेतावनी दी थी। सिडनी में हुआ यह हमला उन आशंकाओं को सच साबित करता नजर आया।
समुद्र तट पर मचा कोहराम
घटना के समय समुद्र तट पर सैकड़ों लोग मौजूद थे।अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही लोग इधर-उधर भागने लगे। कई लोग जमीन पर गिर पड़े, चारों तरफ खून बिखरा नजर आया।चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग गोलियों की आवाज और पुलिस सायरन सुनकर जान बचाने के लिए भागते दिखाई दे रहे हैं।
आतंकी बाप-बेटे, एक ढेर, दूसरा अस्पताल में भर्ती
न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त मैल लैन्योन ने बताया कि इस हमले में शामिल दोनों आतंकवादी बाप-बेटे हैं।50 वर्षीय साजिद अकरम को पुलिस ने मौके पर ही गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।पुलिस के मुताबिक, हमला भारतीय समयानुसार दोपहर 2:17 बजे (ऑस्ट्रेलियाई समय शाम 7:47 बजे) हुआ।

पाकिस्तानी मूल से जुड़े तार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकी परिवार का संबंध पाकिस्तान के लाहौर से बताया जा रहा है।गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला वेरेना से शादी की और बाद में पार्टनर वीजा पर रहने लगा। उसके पास ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता नहीं थी।
नवीद अकरम का जन्म ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और वह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है।
देसी बम और हथियार बरामद
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की हैं। एक कार से देसी बम भी मिला है, जिसकी जांच विशेषज्ञ कर रहे हैं।एक वायरल वीडियो में एक बहादुर नागरिक को आतंकी से हथियार छीनते हुए देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों की जान बच गई।
प्रधानमंत्री अल्बनीज और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने घटना को स्तब्धकारी और पीड़ादायक बताया और कहा कि घायलों की जान बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि“भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता रखता है। इस दुख की घड़ी में हम ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ खड़े हैं।”

इजराइल ने जताया गहरा दुख
इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी हमले पर गहरा दुख जताया।ऑस्ट्रेलियाई यहूदी समुदाय की कार्यकारी परिषद ने इसे समुदाय के लिए अकल्पनीय और भयावह हमला बताया।
यहूदी समुदाय में डर का माहौल
ऑस्ट्रेलिया की 2.7 करोड़ की आबादी में करीब 1.5 लाख यहूदी रहते हैं, जिनमें से एक तिहाई सिडनी के पूर्वी उपनगरों में बसे हैं।लगातार हो रहे हमलों के कारण कई यहूदी परिवार बच्चों को स्कूल और डे-केयर भेजने से डरने लगे हैं। कई स्कूलों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात की गई है।
11 साल बाद फिर दहला सिडनी
यह हमला 2014 में हुए लिंड्ट कैफे बंधक कांड के करीब 11 साल बाद सिडनी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। उस घटना में भी कई लोगों की जान गई थी।










