बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई जाने के बाद वे इस समय भारत में सुरक्षित हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर उनके बेटे सजीब वाजेद ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि “अगर मेरी मां बांग्लादेश न छोड़ी होतीं, तो शायद वे आज जिंदा न होतीं…”
बांग्लादेश की न्यायिक प्रक्रिया पर आरोप
एएनआई से बातचीत में सजीब वाजेद ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को अनिर्वाचित और अवैध बताया और कहा—
- उनकी मां के मुकदमे को जल्द फैसले तक पहुंचाने के लिए कानूनों में अवैध बदलाव किए गए।
- शेख हसीना को अपना वकील चुनने तक की अनुमति नहीं दी गई।
- ट्रायल से पहले 17 जजों को हटाकर नए जज नियुक्त किए गए, जिनमें से कई के पास अनुभव नहीं था और वे राजनीति से जुड़े थे।
- इसलिए पूरे मामले में कोई “उचित न्यायिक प्रक्रिया” नहीं अपनाई गई।
सजीब ने कहा कि प्रत्यर्पण (extradition) के लिए न्यायिक प्रक्रिया का सही होना जरूरी है।
अमेरिका के दबाव पर जवाब
अमेरिका की ओर से दबाव या धमकी के सवाल पर उन्होंने कहा—
- “हमें किसी तरह की धमकी नहीं मिली।”
- बस 2024 के चुनावों पर अमेरिका ने नकारात्मक बयान दिया था।
- अब अमेरिका में नई सरकार आने के बाद रवैया बदल गया है।
- राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही बता चुके हैं कि पिछली अमेरिकी सरकार ने बांग्लादेश में “सत्ता बदलने” पर काफी पैसा खर्च किया था।
- नई अमेरिकी सरकार अब बांग्लादेश में बढ़ते आतंकवाद और उग्रवाद को लेकर चिंतित है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर निशाना
सजीब वाजेद ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए—
- “अगर यूनुस लोकप्रिय होते, तो डेढ़ साल से बिना चुनाव क्यों सत्ता में बैठे हैं?”
- छात्रों की पार्टी (NCP) को सभी चुनावों में केवल 2% वोट ही मिले हैं।
- इसलिए अंतरिम सरकार के पास जनसमर्थन लगभग न के बराबर है।
- यूनुस सरकार चीन के ज्यादा करीब जाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि हसीना सरकार हमेशा भारत, अमेरिका और चीन—तीनों से अच्छे रिश्ते बनाए रखती थी।
सजीब वाजेद ने साफ़ कहा कि—
- बांग्लादेश में उनकी मां को न्याय नहीं मिल सकता था।
- भारत ने उन्हें सुरक्षित रखकर एक मानवीय और साहसिक कदम उठाया है।
- वे इसके लिए हमेशा भारत सरकार के आभारी रहेंगे।