ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अब युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों को निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
स्कूल पर हमले में छात्राओं समेत 43 लोगों की मौत
ईरानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक प्राथमिक बालिका विद्यालय पर हुए हमले में 40 छात्राओं की मौत हो गई। वहीं तेहरान के पास एक अन्य स्कूल पर हमले में दो छात्रों की जान चली गई। इसके अलावा अबू धाबी में भी एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
अब तक कुल 43 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है।
ईरान का पलटवार, अमेरिकी ठिकाने निशाने पर
हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई है।
इस्राइल में आपातकाल घोषित
संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए इस्राइल ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है, स्कूल और कई दफ्तर बंद कर दिए गए हैं। अस्पतालों के मरीजों को सुरक्षित भूमिगत स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
ओमान के विदेश मंत्री ने अमेरिका से इस संघर्ष से दूरी बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि यह युद्ध निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी बढ़ते सैन्य तनाव को वैश्विक शांति के लिए खतरनाक बताया और सभी देशों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की।
रूस ने भी अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
उड़ान सेवाएं प्रभावित
तनाव बढ़ने के कारण कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। सुरक्षा कारणों से दुबई एयरपोर्ट से अमीरात एयरलाइंस की कई उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। यात्रियों को नई यात्रा जानकारी दी जा रही है।











