मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। मिनाब शहर में 28 फरवरी को हुए एक हवाई हमले में 165 स्कूली बच्चियों की मौत हो गई थी। हमले के चार दिन बाद सभी बच्चियों को सामूहिक रूप से अंतिम विदाई दी गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर मिसाइल गिर गई। उस समय स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। धमाका इतना जोरदार था कि स्कूल की इमारत का बड़ा हिस्सा गिर गया। राहत और बचाव दल ने कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन 165 बच्चियों की जान नहीं बचाई जा सकी।

शहर में पसरा मातम
अंतिम विदाई के दिन पूरे शहर में सन्नाटा रहा। बाजार बंद रहे और हजारों लोग जनाजे में शामिल हुए। सफेद कफन में लिपटे छोटे-छोटे ताबूतों को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मस्जिदों में विशेष दुआएं की गईं। लोगों ने इस घटना को बेहद दर्दनाक और अमानवीय बताया।
स्कूल बना मलबे का ढेर
जिस स्कूल में पहले बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ टूटी दीवारें, बिखरी किताबें और बैग नजर आ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि सभी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गईइस हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया के संकेत दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से क्षेत्र में चल रहा संघर्ष और तेज हो सकता है।यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि युद्ध में आम नागरिकों और खासकर बच्चों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। मिनाब की यह घटना लंबे समय तक याद रखी जाएगी।









