नेपाल के बाद अब ब्रिटेन की चर्चा दुनिया में हो रही है। क्योंकि यहां पर जिस तरीके से विरोध प्रदर्शन हुआ है वो लंदन के इतिहास का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। तो वहीं अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी कर दी है
लंदन में हुई दक्षिणपंथी रैली के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और लंदन पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, रविवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि देश में किसी भी तरह का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कीर स्टार्मर के अनुसार, “लोगों के बैकग्राउंड और उनकी त्वचा के रंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नही होगा।”
लंदन में शनिवार को दक्षिणपंथियों द्वारा बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हुआ था। इस आंदोलन का नेतृत्व टॉमी रॉबिन्सन कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, टॉमी की अपील पर लगभग डेढ़ लाख लोग लंदन की सड़कों पर जमा हो गए थे, जिनसे पुलिस की झड़प हो गई।
ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर ने पुलिस अधिकारियों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इस हिंसक प्रदर्शन में 26 पुलिसकर्मी घायल हैं। पुलिस ने 24 लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, अगले कुछ दिनों में लंदन पुलिस अन्य लोगों को भी हिरासत में ले सकती है।कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। यह हमारे देश के मूल्यों में है। मगर, जो पुलिस अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहे थे, उनपर हुए हमले को सही नहीं ठहराया जा सकता है।कीर स्टार्मर ने आगे कहा, “हमारा झंडा देश की विविधता को दर्शाता है। हम इसे ऐसे हाथों में नहीं सौंप सकते हैं जो इसका इस्तेमाल हिंसा, डर और भेदभाव फैलाने के लिए करें।”
लंदन पुलिस के अनुसार 3 महिलाओं समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 19 साल से लेकर 58 साल कर के लोग शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
रैली के मद्देनज़र सेंट्रल लंदन में बड़े पैमाने पर पुलिसबलों की तैनाती की गई थी। मेट्रोपोलिटन पुलिस की तरफ़ से यहां एक हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। साथ ही लीसेस्टरशायर, नॉटिंघमशायर, डेवोन और कॉर्नवाल से 500 अतिरिक्त पुलिसबलों को भी लगाया गया था।
असिस्टेंट कमिश्नर मैट ट्विस्ट ने कहा कि यह जानते हुए कि हालात चुनौतीपूर्ण होंगे पुलिसकर्मियों ने “निडर और निष्पक्ष होकर पुलिसिंग की.”उन्होंने कहा, “इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कई लोग यहां पर विरोध करने के अपने हक़ का इस्तेमाल करने पहुंचे थे। लेकिन कई ऐसे भी थे जिनका इरादा हिंसा फैलाना था.”मैट ट्विस्ट ने बताया कि पुलिसकर्मियों में किसी के दांत टूट गए हैं, किसी को सिर पर चोट आई है, किसी को रीढ़ की हड्डी में चोट है तो कोई संभवत: नाक टूटने जैसी गंभीर चोटों का सामना कर रहे हैं।
असिस्टेंट कमिश्नर मैट ने कहा कि पुलिस उन लोगों की पहचान करेगी जो हिंसा फैलाने के लिए ज़िम्मेदार हैं।उन्होंने कहा, “अब तक हमने 25 लोगों को गिरफ्तार किया है, ये अभी शुरुआत है।” गृह मंत्री शबाना महमूद ने “पुलिसकर्मियों पर हमला करने और उन्हें घायल करने वालों” की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, “जो लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं उन्हें क़ानून का सामना करना पड़ेगा।”
