गाजा पर इस्राइल के हमले जारी,14 लोगों की मौत मानवीय सकंट गहराया ,कुपोषण व अकाल का खतरा

गाजा सिटी पर इस्राइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई। मारे गए लोगों में छह एक ही परिवार से थे। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में छह लोग एक ही परिवार से थे। हमलों के बीच पुर्तगाल और अन्य पश्चिमी देश फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की तैयारी कर रहे हैं। गाजा में अब तक 65,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि 90% आबादी विस्थापित है।

एक अन्य हमले में शावा स्क्वायर के पास पांच लोगों की मौत हुई। राहत एजेंसियां कह रही हैं कि गाजा में हालात अकाल जैसी स्थिति तक पहुंच गए हैं।

पश्चिमी देशों का रुख बदलता हुआ
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कई पश्चिमी देश अब खुले तौर पर फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन सकता है।इस्राइल के हमलों के बीच पुर्तगाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को आधिकारिक तौर पर फलस्तीन राज्य को मान्यता देगा। इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, माल्टा, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग जैसे देश भी आने वाले दिनों में यह कदम उठा सकते हैं। पश्चिमी देशों का यह रुख इस्राइल पर बढ़ते दबाव का संकेत है।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि गाज़ा उनके जीवनकाल में देखी गई “सबसे खराब मौत और विनाश” का सामना कर रहा है और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इज़राइल से “भयभीत” न होने का आह्वान किया है।

अक्टूबर 2023 से अब तक गाज़ा पर इज़राइल के युद्ध में कम से कम 65,208 लोग मारे गए हैं और 1,66,271 घायल हुए हैं। माना जाता है कि हज़ारों लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। 7 अक्टूबर के हमलों के दौरान इज़राइल में कुल 1,139 लोग मारे गए थे और लगभग 200 लोगों को बंदी बना लिया गया था।

पिछले 24 घंटों में कम से कम चार सहायता चाहने वाले मारे गए हैं और 18 घायल हुए हैं।जब से आईपीसी ने गाज़ा में अकाल घोषित किया है, तब से 164 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 32 बच्चे भी शामिल हैं।

युद्ध का दायरा और बढ़ा
इस्राइल की सेना का कहना है कि उसका लक्ष्य हमास की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करना है। हालांकि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अभियान महीनों तक चल सकता है। पिछले 23 महीनों में इस्राइली बमबारी से गाजा में 65,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है।
मानवीय संकट गहराया
गाजा सिटी में रहने वाले हजारों लोगों को दक्षिण की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन कई लोग या तो कमजोर हैं, या फिर उनके पास संसाधन नहीं हैं कि वे बार-बार उजड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां कह रही हैं कि इस तरह की जबरन निकासी से मानवीय संकट और गंभीर होगा।
यूनिसेफ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि कुपोषित बच्चों के लिए भेजा गया जीवनरक्षक भोजन सशस्त्र लोगों ने लूट लिया। चार ट्रकों से यह सामान गाजा सिटी में जबरन छीना गया। इस्राइल ने इसका आरोप हमास पर लगाया है, हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उनके पास मदद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े तंत्र मौजूद हैं।

 

 

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