ईरान-इस्राइल युद्ध में नागरिकों की भारी मौत, महिलाओं और बच्चों पर भी पड़ा असर”

An Iranian flag hangs on a building targeted during Israeli attacks on a residential area in Tehran, Iran, on August 11, 2025, following the ceasefire between Iran and Israel after the 12-day war. A group of architects and building restoration specialists launches a campaign in which, after inspecting residential homes damaged during the 12-day war between Iran and Israel and considering the financial means of the property owners, they cover a portion of the reconstruction costs and proceed with restoring the buildings. (Photo by Morteza Nikoubazl/NurPhoto) (Photo by Morteza Nikoubazl / NurPhoto via AFP)

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच Iran और Israel के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच जारी हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत होने की खबरें सामने आ रही हैं। इस युद्ध ने अब मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

महिलाओं और बच्चों की मौत के आंकड़े

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में बड़ी संख्या में नागरिकों की जान जा चुकी है। मंत्रालय का दावा है कि अमेरिकी और इस्राइली हमलों में अब तक 223 महिलाओं और 202 बच्चों की मौत हुई है।

वहीं ईरान की मानवीय सहायता संस्था Iranian Red Crescent Society का कहना है कि इस पूरे संघर्ष में अब तक 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इन आंकड़ों ने युद्ध की मानवीय कीमत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी युद्ध में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत होती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बन जाता है।

शिराज के रिहायशी इलाके पर हमला

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार रविवार तड़के दक्षिणी शहर Shiraz के एक रिहायशी इलाके पर हमला किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला शहर के दक्षिण-पूर्व हिस्से में हुआ, जहां गरीब मजदूरों और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े परिवार रहते हैं। इस हमले में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ लोग घायल भी हुए हैं।

हालांकि अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और इलाके में राहत कार्य शुरू कर दिया है।इस हमले को लेकर अभी तक अमेरिका या इस्राइल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इससे पहले इस्राइल ने दावा किया था कि उसने शिराज में मिसाइल से जुड़े एक ठिकाने को निशाना बनाया था।

नेतन्याहू को लेकर ईरान की चेतावनी

इस बीच ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को लेकर कड़ी चेतावनी दी है।

ईरान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अगर नेतन्याहू जीवित हैं तो उन्हें हर हाल में खोजकर खत्म किया जाएगा।इस बयान को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इस्राइल की ओर मिसाइल हमले का दावा

उधर इस्राइली सेना का कहना है कि ईरान ने एक बार फिर मिसाइलों की नई खेप इस्राइल की ओर दागी है।

हमले की आशंका के चलते कई इलाकों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई। इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली को भी सक्रिय कर दिया गया ताकि मिसाइलों को हवा में ही रोका जा सके।

ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ता यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे लेकर चिंता बढ़ रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ सकता है। साथ ही वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है।

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