शुक्रवार सुबह पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर धरती कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पाकिस्तान में सुबह 5.2 मैग्नीट्यूड का भूकंप रिकॉर्ड किया गया।भूकंप का केंद्र 135 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे झटकों का प्रभाव सतह पर अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।भूकंप का केंद्र पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित डूरंड लाइन के बेहद पास था। गहराई अधिक होने के कारण झटकों की तीव्रता जमीन पर कम रही, हालांकि पाकिस्तान के कई उत्तरी इलाकों में लोग नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए।

NCS डेटा के अनुसार पहला झटका देर रात 1:59 AM बजे आया।जिसका केन्द्र अफगानिस्तान में 190 km की गहराई में रहा।दूसरा झटका सुबह 3:09 AM जिसका केन्द्र पाकिस्तान में 135 km की गहराई में आया।जिसकी त्तीव्रता 5.2 मैग्नीट्यूड थी। 135 किलोमीटर की गहराई से आने वाले झटके सतह पर उतने विनाशकारी नहीं होते, क्योंकि भूकंपीय तरंगें ऊपर आते-आते कमजोर पड़ जाती हैं।भूवैज्ञानिकों का कहना है कि पाकिस्तान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। देश कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों के बीच स्थित है।
सबसे ज्यादा खतरे वाले क्षेत्र में बलूचिस्तान,खैबर पख्तूनख्वा (KP) और गिलगित–बाल्टिस्तान शामिल हैं।ये सभी क्षेत्र यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट के किनारों पर स्थित हैं, जहां लगातार हलचल दर्ज की जाती है। पंजाब और सिंध भी भारतीय प्लेट की उत्तरी सीमा के क़रीब होने के कारण कभी-कभी मध्यम तीव्रता के झटके महसूस करते हैं।प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है।









