पंजाब सरकार ने शिक्षा और गुरुओं की विरासत को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को घोषणा की कि आनंदपुर साहिब में नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी।यह घोषणा गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के पवित्र अवसर पर की गई है।
गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को समर्पित
सीएम मान ने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षा संस्थान नहीं, बल्कि गुरु साहिब के आदर्शों, मूल्यों और सर्वोच्च बलिदान को समर्पित एक स्मारक के रूप में भी कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता, धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन संदेश से जोड़ना है।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है प्रोजेक्ट
सरकार को उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी शुरू होने के बाद पंजाब में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेज विकास देखने को मिलेगा। यह संस्थान आधुनिक तकनीक, शोध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानकों से लैस होगा।
इससे न सिर्फ राज्य के छात्रों को बल्कि देश-विदेश के युवाओं को भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
राज्य के विकास में भी अहम योगदान
नई यूनिवर्सिटी का निर्माण पंजाब में रोजगार, रिसर्च, स्टार्ट-अप संस्कृति और शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट लंबे समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा और आनंदपुर साहिब को एक अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक गंतव्य के रूप में पहचान दिलाएगा।
आयोजन में मौजूद रहे अरविंद केजरीवाल
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत मानव इतिहास का अनोखा अध्याय है और पंजाब सरकार इस पूरे अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए महीनों से तैयारी कर रही थी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं से कहा कि अगर किसी व्यवस्था में कोई कमी रह गई हो तो सरकार उसकी क्षमा चाहती है।
गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर बनने वाली यह वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के लिए नई दिशा और गुरुओं की विरासत को वैश्विक पहचान देने का महत्वपूर्ण कदम होगी। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट से प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक विकास को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।










