इथियोपिया के Hayli Gubbi (हायली गुब्बी ) ज्वालामुखी के अचानक सक्रिय होने और राख के गुबार के फैलने के बाद भारत में एयरलाइन्स तथा हवाई अड्डों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेष रूप से, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली) पर मंगलवार को लगभग एक से छह बजे के बीच कई उड़ानें या तो रद्द हुईं या उनमें भारी देरी दर्ज की गई है।
️ उड़ानों पर असर
- मंगलवार को सात अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया, जबकि कम-से-कम 10 अन्य विदेशी उड़ानों में देरी हुई।
- एयर इंडिया ने सोमवार से ही 13 उड़ानों को कैंसिल कर दिया था।
- एक अधिकारी ने बताया कि राख के गुबार के कारण “दिल्ली एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली सात इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल की गईं और 12 इंटरनेशनल फ्लाइट्स में देरी हुई।”
- दिल्ली हवाई अड्डा देश का सबसे बड़ा विमान परिचालन केंद्र होने के कारण (प्रतिदिन 1,500 से ज्यादा उड़ानें) इस स्थिति का प्रभाव व्यापक रहा।
राख का खतरा और कारण
- इथियोपिया के इस ज्वालामुखी फटने से निकलने वाला राख-बादल वेस्टर्न एयरलाइंस मार्गों तथा भारत की पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ रहा है।
- ज्वालामुखी राख के गुबार से हवाई जहाज के इंजन प्रभावित हो सकते हैं — इंजन में जमा राख उड़ान के लिए खतरनाक हो सकती है।
- इसके अतिरिक्त, यह हवा की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है और आंखों, श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकती है। इसीलिए हवाई अड्डों द्वारा उड़ानों को रद्द करना या विलंबित करना एक जरूरी एहतियाती कदम माना जाता है।
यात्रियों के लिए सलाह
- एयरलाइन्स और हवाई अड्डे यात्रियों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति को संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या एप्प से नियमित रूप से जांचें।
- ऐसी अप्रत्याशित स्थिति में समय से निकलने से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
- इस असुविधा के लिए हमें खेद है, लेकिन सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है।
अभी यह देखा जाना बाकी है कि राख-बादल कितनी तेजी से भारत के आंतरिक मार्गों और अन्य हवाई अड्डों तक पहुंचता है।हवाई अड्डा प्रबंधन टीम्स और नागरिक वायु परिवहन प्राधिकरण (DGCA) इस स्थिति पर सतर्क नजर बनाए हुए हैं।यात्रियों को सुझाया गया है कि वे पुढले निर्देशों व उड़ानों की अपडेट के लिए समाज माध्यमों व एयरलाइन नोटिफिकेशन को समय-समय पर देखें।










