पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी गुट जम्मू संभाग में घुसपैठ कराने की फिराक में हैं। खुफिया जानकारी मिलने के बाद बीएसएफ, सेना और अन्य सुरक्षाबलों ने हीरानगर और सांबा सेक्टर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सीमा पर सघन गश्त और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी
सुरक्षा बल सीमा पर चौकसी बढ़ा चुके हैं। बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है ताकि आतंकियों की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके। यह इलाका हमेशा से घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील रहा है। पिछले साल कठुआ और सैडा सोहल में आतंकियों की मुठभेड़ें हो चुकी हैं।
हाल की घटनाएं
कठुआ जिले के ऐरवां गांव में रविवार को तीन से चार संदिग्ध लोग देखे गए। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया और इलाके में गश्त बढ़ा दी। पठानकोट और सीमांत क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वाहनों की गहन जांच की जा रही है।


नागरिकों से अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या सुरक्षाबलों को दें।
आतंकी मददगारों की पहचान
सुरक्षाबलों की नजर अब उन लोगों पर है जो आतंकियों को मदद पहुंचाते हैं। इसमें सरकारी तंत्र से जुड़े संदिग्ध भी हो सकते हैं। पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा मददगारों की पहचान कर ली है और उनका नेटवर्क तोड़ने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुरक्षाबलों के अनुसार, मददगार आतंकियों को भोजन, आश्रय और सुरक्षा घेरा से बचने में मदद करते थे। फरवरी में कमांडर सैफुल्लाह और उसके साथियों को मार गिराने के बाद मददगारों की पहचान तेज कर दी गई है। जम्मू संभाग में पाकिस्तान की घुसपैठ की साजिश को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
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