बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। नीतीश कुमार एक बार फिर यानी 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा–जदयू और एनडीए के अन्य सहयोगियों के बीच मंत्रालय बंटवारे का फार्मूला भी फाइनल हो गया है।
क्या है नया फॉर्मूला
एनडीए पार्टियों के बीच यह तय हुआ है कि हर 6 विधायकों पर एक मंत्री बनाया जाएगा। इसी के आधार पर सभी दलों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।
इस फॉर्मूले के तहत—
- भाजपा (89 सीट) – 15 मंत्री
- जदयू (85 सीट) – 14 मंत्री
- लोजपा (आर) – 3 मंत्री
- हम – 1 मंत्री
- आरएलएम – 1 मंत्री
भाजपा पहले की तरह दो डिप्टी सीएम भी बनाएगी। चर्चा है कि इस बार महिला विधायकों में से एक को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
कब होगा इस्तीफा और शपथ
- सोमवार सुबह नीतीश मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक बुलाएँगे।
- इसके बाद वे राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे।
- मंगलवार या बुधवार को एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश को फिर से नेता चुना जाएगा।
- 20 नवंबर तक नई सरकार के शपथ लेने की पूरी संभावना है।
- शपथ समारोह पटना के गांधी मैदान में होगा। 17–20 नवंबर तक यहां आम लोगों का प्रवेश बंद रहेगा।
किसके पास कौन से मंत्रालय
मंत्रालयों के बंटवारे पर एक और बैठक होगी, लेकिन सूत्र बताते हैं कि—
- नीतीश कुमार पहले की तरह गृह और प्रशासन विभाग रख सकते हैं।
- वित्त विभाग भाजपा के पास ही रहेगा।
- अन्य मंत्रालयों का फैसला एनडीए के बीच मिलकर होगा।
क्यों फिर नीतीश ही बने CM
भाजपा ने गठबंधन की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए साफ कर दिया है कि उन्हें नीतीश कुमार के अनुभव और संतुलन पर भरोसा है।
चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से चर्चा के बाद भी यह तय हुआ कि नीतीश ही एनडीए का सबसे स्वीकार्य चेहरा हैं।
चिराग पासवान भी नीतीश को नेतृत्व पर अपनी सहमति जता चुके हैं।
नई सरकार में महिलाओं की बड़ी भूमिका
इस चुनाव में महिलाओं ने एनडीए को काफी समर्थन दिया है। इसलिए नई कैबिनेट में करीब 7 महिला मंत्री शामिल की जा सकती हैं।