चंडीगढ़ के धनास गांव में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग की पैतृक जमीन हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत सीधे एसएसपी तक पहुंचने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता सुचा सिंह ने बताया कि उनके पिता दलीप सिंह की संपत्ति में उनका और उनके भाई गुरदेव सिंह का बराबर हिस्सा था। पिता का निधन 1986 में हुआ था, जबकि भाई की मृत्यु 1999 में हो गई थी।
गुरदेव सिंह के निधन के बाद उनके बेटे काला सिंह और चार बेटियां इस संपत्ति के कानूनी वारिस बने।
फर्जी हलफनामे से करवाई जमीन अपने नाम
आरोप है कि काला सिंह ने तहसील में गलत जानकारी देकर यह दिखाया कि संपत्ति का कोई अन्य वारिस नहीं है।
इसके बाद—
- फर्जी हलफनामा तैयार किया गया
- बहनों के हस्ताक्षर नहीं लिए गए
- और उसी आधार पर जमीन का म्यूटेशन अपने नाम करवा लिया गया
गिफ्ट डीड के जरिए आगे बेची जमीन
शिकायत में यह भी सामने आया है कि म्यूटेशन के बाद जमीन को गिफ्ट डीड के जरिए बहादुर सिंह नाम के व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद थाना सारंगपुर पुलिस ने—
- काला सिंह
- पटवारी मिठन लाल
- और नंबरदार फकीर सिंह
के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
जांच जारी
पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में राजस्व अधिकारियों की क्या भूमिका रही।पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
