भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने बुधवार को एक यादगार प्रदर्शन करते हुए 2021 की चैंपियन अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम इंडिया ने मुकाबले के शुरुआती तीन क्वार्टरों में 0-2 से पिछड़ने के बाद सिर्फ 11 मिनट में चार गोल दागकर मैच का पासा पलट दिया।भारत ने नौ साल बाद जूनियर वर्ल्ड कप में पदक जीता है। इससे पहले आखिरी बार 2016 में लखनऊ में टीम इंडिया चैंपियन बनी थी।

मैच का रोमांच
तमिलनाडु के मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में खचाखच भरी भीड़ के सामने टीम इंडिया शुरुआत में भारी दबाव में नजर आई। अर्जेंटीना की आक्रामक शुरुआत ने भारत को बैकफुट पर ढकेल दिया।मैच शुरू होते ही अनमोल इक्का की एक गलती भारत को महंगी पड़ी, जब अर्जेंटीना को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और निकोलस रॉड्रिग्ज ने 5वें मिनट में गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दे दी।इसके बाद भी भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति अर्जेंटीनी डिफेंस को भेदने में नाकाम रही।पहले हाफ में भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला, जबकि अर्जेंटीना लगातार दबाव बनाए रहा।44वें मिनट में सांतियागो फर्नांडेज ने शानदार फील्ड गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया।यह गोल भारतीय डिफेंस की गफलत का परिणाम था, जिसने पूरी टीम पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया।
आखिरी क्वार्टर में भारत की अविश्वसनीय ‘दनादन’ वापसी
तीन क्वार्टर तक संघर्ष करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने चौथे क्वार्टर में मैच को पूरी तरह पलट दिया।49वें मिनट में अंकित पाल ने भारत का खाता खोला।पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और अंकित पाल ने इसे गोल में तब्दील कर टीम को 1-2 तक पहुंचा दिया।52वें मिनट में मनमीत सिंह का बराबरी वाला गोल किया।दूसरा पेनल्टी कॉर्नर अनमोल इक्का ने लिया, गेंद डिफ्लेक्ट होकर मनमीत की स्टिक से टकराई और सीधे गोलपोस्ट में चली गई।स्कोर हुआ 2-2, और मैच का मोमेंटम भारत की ओर झुक चुका था।अर्जेंटीना ने अपनी रणनीति बदलते हुए गोलकीपर को बाहर निकालकर एक एक्स्ट्रा आउटफील्ड प्लेयर उतारा।लेकिन भारत ने इसका फायदा उठाया। मिले पेनल्टी स्ट्रोक को शारदानंद तिवारी ने गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया।खाली गोलपोस्ट का फायदा उठाते हुए भारत को मिले तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर अनमोल इक्का ने जोरदार शॉट लगाकर 4-2 की अजेय बढ़त बना दी।

गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह का शानदार प्रदर्शन
अर्जेंटीना ने 57वें मिनट में बराबरी की कोशिश में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन प्रिंसदीप सिंह ने टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण बचावों में से एक करते हुए गोल बचा लिया।उनकी यह परफॉर्मेंस भारत की जीत में निर्णायक साबित हुई।
हॉकी इंडिया की ओर से इनाम का ऐलान
ब्रॉन्ज मेडल जीतने के तुरंत बाद हॉकी इंडिया ने घोषणा कि हर खिलाड़ी को 5-5 लाख रुपये का इनाम मिलेगा।सपोर्ट स्टाफ को 2.5 लाख रुपये प्रति सदस्य मिलेगा।यह इनाम खिलाड़ियों के संघर्ष और मेहनत की बड़ी सराहना है।
भारत ने इससे पहले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप दो बार जीता है 2001 में और 2016 में लखनऊ में जीता था।लेकिन 2016 के बाद भारत पिछले दो संस्करणों में ब्रॉन्ज मेडल मैच हारकर चौथे स्थान पर रहा था।इस बार मुकाबला जीतकर भारत ने अपने 9 साल पुराने सूखे को खत्म किया और फिर से पोडियम पर जगह बनाई।
ब्रॉन्ज मेडल मैच के बाद IND vs ARG गूगल पर तेजी से ट्रेंड करने लगा।लाखों भारतीयों ने मैच के हाइलाइट्स और स्कोर गूगल पर सर्च किए।तीन क्वार्टर तक संघर्ष, फिर 11 मिनट में चार गोल टीम इंडिया ने दिखा दिया कि जज्बा और हिम्मत हो तो कोई भी मुकाबला जीता जा सकता है।यह ब्रॉन्ज मेडल सिर्फ जीत नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी के भविष्य की मजबूती का संकेत है।










