पंजाब सरकार ने राज्य में 112 दवाओं की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगाने का आदेश जारी किया है। ये कार्रवाई केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन(CDSCO) की उस रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें इन दवाओं को “घटिया” और “सार्वजनिक उपयोग के लिए अनुपयुक्त” घोषित किया गया था।पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी परिस्थिति में निम्न गुणवत्ता की दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी।“घटिया” घोषित दवाओं की सूची में दिल, कैंसर, मधुमेह और अस्थमा की दवाएँ भी शामिल हैं।प्रतिबंधित की गई दवाओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से दिल, कैंसर, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, संक्रमण, दर्द, सूजन, एनीमिया और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है।

11 दवाएँ पंजाब में बनी, सभी के सैंपल फेल
सितंबर 2025 में जारी राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, देश भर की केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में कुल 112 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए। इनमें से 49 दवाएँ हिमाचल प्रदेश से,16 गुजरात से,12 उत्तराखंड से,11 पंजाब से,और 6 मध्य प्रदेश से लिए गए थे।पंजाब में निर्मित जिन 11 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन सभी फार्मा कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया गया है और उनके दवा बैचों को बाजार से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
CDSCO की चेतावनी के बाद राज्य में त्वरित कार्रवाई
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कुछ दिन पहले देशभर में घटिया दवाओं की पहचान करते हुए चेतावनी जारी की थी। इसी के बाद पंजाब सरकार ने राज्य में इन सभी दवाओं की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा—“कृपया ऊपर दी गई किसी भी दवा का उपयोग न करें। अगर इनमें से कोई भी दवा किसी दुकान पर बेची जा रही है, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। पंजाब सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।”

कुछ सप्ताह पहले ही राज्य सरकार ने 8 अन्य दवाओं के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई थी। इनमें प्रसिद्ध कोल्ड्रिफ कफ सिरप भी शामिल था, जिसके इस्तेमाल से मध्य प्रदेश में 20 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी।सरकार का कहना है कि यह कदम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य में दवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि घटिया दवाओं का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें राज्य भर में औचक निरीक्षण कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिबंधित दवाएँ बाजार में न रहें।डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब ने कहा कि हमारे लिए हर नागरिक का स्वास्थ्य सर्वोपरि है। किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,”
देशभर में घटिया दवाओं का जाल
CDSCO की सितंबर 2025 की रिपोर्ट ने देश में दवा गुणवत्ता की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।रिपोर्ट के अनुसार, देशभर की 52 लैब्स में की गई जांच में 112 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।इनमें कई दवाएँ ऐसी हैं जो बड़े पैमाने पर सरकारी अस्पतालों और निजी क्लीनिक्स में उपयोग में लाई जा रही थीं।
पंजाब सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित दवाओं का सेवन न करें।फार्मेसियों पर बिना पुष्टि के दवाएँ न खरीदें।किसी भी संदिग्ध दवा या फार्मेसी की सूचना स्वास्थ्य विभाग को तुरंत दें।









