पंजाब विधानसभा के ऐतिहासिक स्पेशल सेशन में सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बड़ा फैसला घोषित किया। उन्होंने श्री दरबार साहिब अमृतसर गलियारा, श्री आनंदपुर साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो (बठिंडा) को पवित्र शहर (Holy City) का दर्जा देने का ऐलान किया। सदन में मौजूद सभी विधायकों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया।मुख्यमंत्री मान ने बताया कि पवित्र शहर का दर्जा मिलने के बाद इन शहरों में मीट की दुकान नहीं खुलेगी व शराब की बिक्री पूरी तरह बंद और तंबाकू/सिगरेट की बिक्री पर रोक लगा दी है।इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आदेश जारी करने के कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।उन्होंने कहा कि अमृतसर साहिब का गलियारा पहले से ही पवित्र माना जाता है, लेकिन इसे पहली बार विधानसभा में आधिकारिक रूप से पवित्र घोषित किया गया है।स्पेशल सत्र श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया गया, जो श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित था। यह पहला मौका था जब पंजाब विधानसभा का सत्र चंडीगढ़ से बाहर आयोजित हुआ।मुख्यमंत्री मान ने कहा कि “गुरु तेग बहादुर जी ने जुल्म और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। धार्मिक स्वतंत्रता बचाने के लिए उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि“तीनों तख्तों वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देना करोड़ों लोगों की मांग थी।”विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब का परीक्षण हो रहा है।इस पर BJP विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि“गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सनातन की रक्षा का प्रतीक थी।”सीएम मान ने बताया कि इन तीनों पवित्र शहरों में सफाई और अन्य सुविधाओं के लिए विशेष फंड की व्यवस्था की जाएगी।










