पंजाब के जालंधर शहर में सोमवार देर रात एक रबर फैक्ट्री के गोदाम में भयंकर आग लग गई। यह घटना लम्मा पिंड चौक स्थित सैलानी माता मंदिर के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब पौने 9 बजे के आसपास गोदाम से अचानक धुआं उठने लगा। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और इसकी लपटें 20 से 25 फीट तक ऊपर उठने लगीं। आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी।गोदाम में बड़ी मात्रा में रबर टायर, ट्यूब और फैक्ट्री का सामान रखा हुआ था। ये अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोदाम में रखे केमिकल के ड्रम भी धमाकों के साथ फटते सुने गए, जिससे आग और भी भयावह हो गई। कई किलोमीटर दूर से धुएं का काला गुबार देखा जा सकता था।

30 से अधिक दमकल गाड़ियां और एक टैंकर जुटा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की शुरुआती 3 से 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। लेकिन जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तो फायर ब्रिगेड की 30 गाड़ियां और एक पानी का टैंकर बुलाया गया। फायर विभाग के अधिकारी ने बताया कि टीम को तीन मोर्चों पर मोर्चा संभालना पड़ा क्योंकि गोदाम के पीछे एक पेंट फैक्ट्री भी स्थित है। यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो हालात और गंभीर हो सकते थे। इसलिए पेंट फैक्ट्री की तरफ से भी पानी की बौछार कर आग के फैलाव को रोका गया।
एक फायरकर्मी झुलसा
आग बुझाने के दौरान एक फायरकर्मी आग में झुलस गया, उसके हाथ और बाजू जल गए। मौके पर मौजूद कर्मियों ने उसे पानी से नहलाकर प्राथमिक उपचार दिया और सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
शॉर्ट सर्किट या पटाखे से लगी आग
फैक्ट्री में आग लगने के दो अलग-अलग कारण बताएं जा रहे हैं।कुछ लोगों का कहना है कि छठ पूजा के अवसर पर छोड़े गए पटाखों की चिंगारी गोदाम में गिर गई, जिससे फैक्ट्री में आग लग गई।वहीं कुछ लोगों ने बताया कि हाई टेंशन तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। तारों में स्पार्किंग हुई थी और चिंगारी गिरने से टायरों ने आग पकड़ ली।

पुलिस और प्रशासन की तत्परता
सूचना मिलते ही डीसीपी थाना रामामंडी की पुलिस टीमें, साथ ही PCR वैन भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और राहत कार्य बिना रुकावट चल सके। बिजली विभाग ने भी तुरंत क्षेत्र की पावर सप्लाई बंद कर दी, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।मार्केट प्रधान ने बताया कि गोदाम में करीब 25 लाख रुपये का माल रखा था, जो पूरी तरह जलकर राख हो गया। आसपास की दुकानों और लगभग 100 घरों को भी खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि प्रशासन अब रिहायशी इलाकों के पास बने इस तरह के गोदामों को स्थानांतरित या सुरक्षित शेड लगाने के आदेश जारी करे।
रात 1 बजे पाया गया आग पर नियंत्रण
दमकल विभाग ने बताया कि आग रता करीब 1 बजे के आस-पास के बुझी। आग इतनी भयानक थी कि रात करीब 9 बजे से दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाना शुरू किया था।करीब 4 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। फायर ब्रिगेड के 5 डिवीजन की टीमें जुटी रहीं। रात सवा 11 बजे तक भी आग की लपटें उठती रहीं, लेकिन देर रात तक पूरी तरह आग पर काबू पा लिया गया था।










