पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।इसी के चलते बुधवार सुबह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया। कई स्टूडेंट ग्रुप्स, किसान यूनियनों और सिविल सोसायटी ग्रुप्स के समर्थन के बाद “कैंपस बंद” आंदोलन के आवाहन ने पूरी यूनिवर्सिटी की गतिविधियों को ठप्प कर दिया है। PU ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर बुधवार को पूरी तरह छुट्टी घोषित कर दी। इसके साथ ही, आज आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाओं को टाल दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नई तारीखें बाद में जारी की जाएंगी।

क्यों बंद हुई पंजाब यूनिवर्सिटी?
पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स सीनेट चुनावों की घोषणा की मांग कर रहे हैं। यह चुनाव यूनिवर्सिटी की सर्वोच्च गवर्निंग बॉडी के चयन के लिए होते हैं, जो अकादमिक और प्रशासनिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी कर PU की मौजूदा गवर्निंग बॉडी सीनेट और सिंडिकेट को भंग करने का फैसला लिया था।इसकी जगह एक नॉमिनेटेड स्ट्रक्चर बनाने की बात कही गई, जिसके बाद स्टूडेंट्स और टीचर्स ने इसे “डेमोक्रेसी खत्म करने की कोशिश” बताया।बढ़ते विरोध के चलते केंद्र सरकार ने अपना नोटिफिकेशन वापस ले लिया, लेकिन स्टूडेंट्स ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया और सीनेट चुनाव की तारीखों की तत्काल घोषणा की मांग पर अड़े रहे।
स्टूडेंट्स ने क्यों दिया ‘PU बंद’ का ऐलान?
पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा के बैनर तले स्टूडेंट्स ने कई दौर की मीटिंग्स और विरोध प्रदर्शन किए। उन्हें किसान यूनियनों और कई सिविल ग्रुप्स का समर्थन मिला।मोर्चा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी थी कि अगर 26 नवंबर को भी परीक्षाएं कराई गईं तो:एडमिन ब्लॉक,एग्जामिनेशन सेंटर व मुख्य गेट को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाएगा।ऐसी स्थिति की आशंका को देखते हुए PU प्रशासन ने आज सभी गतिविधियां बंद रखने का फैसला किया और परीक्षाएं भी टाल दी गईं हैं।PU के चार प्रमुख परीक्षा केंद्र CHD40,CHD41 व CHD43 और CHD44 पर आज परीक्षाएं होनी थीं। इन्हें पहले DAV कॉलेज, सेक्टर 10 में शिफ्ट किया गया था, लेकिन अंतिम समय पर प्रशासन ने इन्हें स्थगित करने का फैसला लिया।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि “इन परीक्षाओं की नई तारीखें बाद में सूचित की जाएंगी।”स्टूडेंट्स का कहना है कि पिछले एक साल से सीनेट चुनाव लटके हुए हैं। लगातार ज्ञापन, मार्च और डेमोन्स्ट्रेशन के बावजूद चुनाव तिथि की घोषणा नहीं की गई।10 नवंबर को स्टूडेंट्स ने एक बड़ा प्रदर्शन किया और एंट्री गेट पर सिक्योरिटी स्टाफ से झड़प भी हुई।PU के वाइस चांसलर ने बताया था कि चुनाव का शेड्यूल चांसलर (उपराष्ट्रपति) को भेज दिया गया है।स्टूडेंट्स इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और पक्का आंदोलन करने का ऐलान कर दिया।किसान यूनियनों का समर्थन बनने से आंदोलन और मज़बूत हुआ।मोर्चा ने किसान यूनियनों से सलाह-मशविरा कर यह निष्कर्ष निकाला कि:जब तक चुनाव शेड्यूल घोषित नहीं होता और कैंपस में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल नहीं होती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।किसान यूनियनों के समर्थन के बाद आंदोलन की तीव्रता बढ़ गई और कैंपस बंद करने का फैसला लिया गया।
मोर्चा ने कहा है कि जब तक:सीनेट चुनाव की तारीखें घोषित नहीं होंगी,और PU प्रशासन व केंद्र सरकार इससे संबंधित कोई ठोस कदम नहीं उठाएंगे,वे विरोध जारी रखेंगे। स्टूडेंट्स ने यह भी संकेत दिया है कि अगर प्रशासन दबाव डालने की कोशिश करता है, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर सकते हैं।










