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DIG BHULLAR CASE: CBI ने मांगा कृष्णु का 12 दिन का रिमांड, कोर्ट आज सुनाएगा फैंसला.सामने आ सकते हैं कईं अफसरों के नाम और लिंक

पंजाब के चर्चित रिश्वतकांड में एक और बड़ा मोड़ आ गया है।निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर के साथ गिरफ्तार किए गए बिचौलिये कृष्नु शारदा को अब CBI रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए सोमवार को CBI ने चंडीगढ़ की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की है। CBI ने कृष्नु का 12 दिन का रिमांड मांगा है, जिस पर आज मंगलवार को सुनवाई होगी।सूत्रों के अनुसार, अगर अदालत से CBI को रिमांड मिल जाता है तो पंजाब के कई बड़े पुलिस अफसरों और नेताओं के नाम इस केस में सामने आ सकते हैं। माना जा रहा है कि कृष्नु केवल DIG भुल्लर के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक चेहरों के लिए भी मनी कलेक्शन (उगाही) का काम करता था।

CBI की रिमांड अर्जी से बढ़ी हलचल

CBI अधिकारियों का कहना है कि रिमांड के दौरान कृष्नु से उन सभी उद्योगपतियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की जानकारी ली जाएगी, जिनसे वह निलंबित DIG भुल्लर के कहने पर पैसे वसूलता था। CBI ने पिछले कुछ दिनों में कई जगहों पर छापेमारी की है और अब इस जांच को और आगे बढ़ाने की तैयारी में है।बीते हफ्ते चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित DIG भुल्लर की कोठी पर दोबारा छापा मारा था। इसके अलावा उनके सेक्टर-9 स्थित HDFC बैंक सहित तीन लॉकर भी खोले गए। CBI ने लुधियाना में भुल्लर के फार्म हाउस और 55 एकड़ जमीन की जां च भी की। इन रेड्स के दौरान CBI को कई महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज मिले हैं, जिनसे इस उगाही नेटवर्क के बड़े चेहरे उजागर हो सकते हैं।

भुल्लर और कृष्नु की कॉल रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत

CBI के पास इस केस के लिए मौजूद एक कॉल रिकॉर्डिंग अहम सबूत साबित हो रही है। रिकॉर्डिंग में हरचरण सिंह भुल्लर बिचौलिये कृष्नु से कहते सुनाई देते हैं –“अट्ठ फड़ने ने अट्ठ… जिन्ने देंदा, नाल-नाल फड़ी चल, ओहनूं कह दे अट्ठ कर दे पूरा।”इस बातचीत से यह साफ होता है कि मंथली कलेक्शन का खेल लंबे समय से चल रहा था।एक अन्य ऑडियो में कृष्नु एक कारोबारी से कहता है –“अगस्त दा नहीं आया, सितंबर दा नहीं आया।”इससे CBI को अंदाजा हुआ कि यह रिश्वत वसूली नियमित तरीके से की जा रही थी।

कैसे खुला पूरा रिश्वतकांड

दरअसल, मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता ने CBI को शिकायत दी थी कि DIG भुल्लर उस पर 8 लाख रुपये रिश्वत मांग रहे हैं।आकाश ने बताया कि बिचौलिया कृष्नु शारदा ने ही उसे DIG से मिलवाया था और डील फाइनल करवाई थी।शिकायत के बाद 16 अक्टूबर 2025 को CBI ने चंडीगढ़ के सेक्टर-21 से कृष्नु को 8 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन DIG भुल्लर को भी हिरासत में ले लिया गया।गिरफ्तारी के दौरान भुल्लर के घर से 7.5 करोड़ रुपये नकद, महंगी घड़ियां, कई बैंक लॉकर और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि भुल्लर की देश और विदेश में कई अघोषित संपत्तियाँ हैं जिसकी जांच अभी जारी है।

कौन है कृष्नु शारदा  ?

कृष्नु नाभा (पटियाला) का रहने वाला एक मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखता है।उसकी मां का निधन हो चुका है और पिता प्राइवेट बिजली कर्मचारी हैं।कृष्नु की पत्नी और 5 साल का बेटा है।वह नेशनल स्तर का हॉकी का खिलाड़ी रह चुका है और चंडीगढ़ की टीम की ओर से खेल चुका है।ग्रेजुएशन के बाद कृष्नु ने पुलिस भर्ती की तैयारी की, लेकिन चयन न होने पर पुलिस अफसरों के लिए मिडलमैन (लायजनर) का काम करने लगा।वह चंडीगढ़ में एक फ्लैट किराए पर लेकर रहता था और वहीं से अफसरों के बीच अपने संपर्क बनाए रखता था।

अब CBI की जांच किस दिशा में जाएगी

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, CBI को अब तक की जांच में कई ऐसे नाम और संपर्क मिले हैं, जिनके जरिए यह पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।अब कृष्नु से पूछताछ में यह साफ किया जाएगा कि वह किन-किन IPS अफसरों और नेताओं के लिए काम करता था?किन उद्योगपतियों से उगाही की जाती थी?भुल्लर के अलावा और कौन-कौन अधिकारी इस अवैध कमाई में शामिल थे?CBI की कोशिश है कि कृष्नु से पूछताछ के दौरान व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य के आधार पर इस पूरी उगाही चेन का पर्दाफाश किया जा सके।

CBI ने मांगा रिमांड 

CBI ने कृष्नु का 12 दिन का रिमांड मांगा है। हालांकि माना जा रहा है कि अदालत इतनी लंबी रिमांड नहीं देगी, पर 8 से 10 दिन का रिमांड मिलने की संभावना जताई जा रही है।रिमांड मिलने के बाद CBI कृष्नु और भुल्लर दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी ताकि उनके बयानों में विरोधाभास सामने आ सके।

जांच एजेंसी को उम्मीद है कि कृष्नु से पूछताछ के दौरान कई ऐसे नाम सामने आएंगे जो अब तक छिपे हुए थे। इनमें कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रभावशाली कारोबारी और राजनीतिक हस्तियां शामिल हो सकती हैं।CBI अब इस केस को उच्च स्तर तक ले जाने की तैयारी में है और इसे एक बड़े सिंडिकेट के रूप में देख रही है, जो राज्य में पुलिस और व्यापार जगत के बीच भ्रष्टाचार का पुल बना हुआ था।

 

 

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