पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि अदालत आज इस याचिका पर अपना फैसला सुना सकती है। मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 25 जून को गिरफ्तार किया था। तब से वे जेल में बंद हैं।
विजिलेंस जांच में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया की गिरफ्तारी के बाद हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत 25 स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापों में मजीठिया की लगभग ₹700 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, दायर की गई चार्जशीट में 40,000 पन्नों के दस्तावेज सबूत और 200 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं।

यह मामला 2013 से जुड़ा हुआ है जिसमें ₹6,000 करोड़ के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का खुलासा हुआ था।जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम भी आया था।तव विजीलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा इस चार्जशीट में मजीठिया के कई पुराने सहयोगियों ल दोस्तों के भी नाम थे।इनमें पूर्व विधायक बोनी अजनाला, उनके पूर्व पीए, और पंजाब पुलिस व ईडी के कुछ पूर्व अधिकारी शामिल हैं। विजिलेंस का दावा है कि इन बयानों से केस मजबूत हुआ है।मजीठिया को गिरफ्तार किए जाने के बाद से वे जुलाई की शुरुआत से जेल में हैं। उन्होंने इस साल रक्षाबंधन, दशहरा, दिवाली और गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व भी जेल में ही मनाया था । 23 सितंबर को डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों भी नाभा जेल में उनसे मिलने पहुंचे थे। यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली थी।
चंड़ीगड़ एंव पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। इससे पहले राज्य कैबिनेट ने 8 सितंबर को इस संबंध में सिफारिश भेजी थी।अब सबकी नजरें आज हाईकोर्ट की सुनवाई पर हैं। अब यह फैंसला कोर्ट करेगा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत मिलती है या उन्हें आगे भी जेल में रहना पड़ेगा।









