पंजाब और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को पंजाब के तीन जिले लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।जिससे किसानों को फसल नुकसान का खतरा पैदा हो गया।
मौसम विभाग ने पंजाब के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में शामिल हैं: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और संगरूर शामिल है।
चंडीगढ़ में भी लगातार बारिश
चंडीगढ़ में सुबह से तेज बारिश हो रही है। सेक्टर 11/15 के अंडरपास में सेक्टर 15 की तरफ एक पेड़ गिर गया। मौसम विभाग ने ट्राईसिटी चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला—में दोपहर 2 बजे तक तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मंगलवार सुबह तक पंजाब और हिमाचल में तेज बारिश हो सकती है। इस वजह से पंजाब में 7 अक्टूबर तक सतर्क रहने की जरूरत है। हिमाचल में हो रही भारी बारिश के चलते पंजाब में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, और बांधों से पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है।
बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति
रणजीत सागर डैम
रविवार को इस डैम से लगभग 33,734 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।डैम का वर्तमान जलस्तर 1709.27 फीट है, जबकि इसका डेंजर लेवल 1727 फीट है।डैम से छोड़ा गया पानी सीधे रावी नदी में जाता है, जिससे पंजाब के गुरदासपुर, अमृतसर और फिरोजपुर जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पौंग डैम
हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनज़र, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने औसतन 39,368 क्यूसेक पानी छोड़ा।बीते दिन सुबह आउटफ्लो रिकॉर्ड 49,146 क्यूसेक था।इससे ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ेगा और इंदौरा-फतेहपुर व पंजाब के ब्यास नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित जिले होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का हैं।
भाखड़ा डैम
शनिवार को 40,964 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, और फ्लड गेट लगभग 2 फीट खोले गए।वर्तमान जलस्तर 1,671.49 फीट है, जबकि डेंजर लेवल 1,680 फीट है।भाखड़ा से छोड़ा गया पानी सतलुज नदी में जाएगा, जिससे गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, तरनतारन, मोगा, लुधियाना, रोपड़, पटियाला और संगरूर जिले प्रभावित होंगे।मौसम विज्ञानिकों ने बताया कि यदि भाखड़ा डैम से 50,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, तो बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
प्रशासन की लोगों से अपील
स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।पंजाब में बाढ़ और जलभराव से बचने के लिए राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं।
मौसम विभाग ने दी चेतावनी:
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24-48 घंटों में पंजाब और हिमाचल में तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।बांधों से पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा है, लेकिन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।









