हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से BJP सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत सोमवार को बठिंडा जिला अदालत में मानहानि मामले में पेश हुईं। यह मामला साल 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान बठिंडा जिले के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर को लेकर किए गए विवादित ट्वीट के लिए कोर्ट में खेद व्यक्त किया और माफी मांगी।
“मेरा उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था”
कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कंगना रनौत ने कहा, “यह एक मिसअंडरस्टैंडिंग थी। मैंने माता महिंदर कौर को संदेश दिया है कि मेरी कोई भी नीयत उन्हें ठेस पहुंचाने की नहीं थी। मैं कभी सपने में भी नहीं सोच सकती थी कि इस मुद्दे को लेकर इतना विवाद खड़ा होगा। हर माता मेरे लिए पूजनीय है, चाहे वे पंजाब की हों या हिमाचल की। मैं उन सभी बहनों-बेटियों की सराहना करती हूं जो मुझे सम्मान देती हैं। अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं उसके लिए खेद व्यक्त करती हूं।”

कंगना ने यह भी कहा कि उनका ट्वीट केवल एक री-ट्वीट था, जो मीम के तौर पर इस्तेमाल किया गया था और किसी विशेष व्यक्ति के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं थी। उन्होंने कहा, “किसान आंदोलन के दौरान कई महिलाओं की तस्वीरें थीं। किसी एक व्यक्ति को लेकर मेरी कोई टिप्पणी नहीं थी। जो मिसअंडरस्टैंडिंग हुई, उसके लिए खेद है।”
महिंदर कौर के पति से बातचीत
महिंदर कौर अपने स्वास्थ्य के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सकीं। उनके पति अदालत पहुंचे और कंगना रनौत ने उनसे सीधे बातचीत की। कंगना ने कहा कि उन्होंने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि यदि उनकी टिप्पणी से माता जी को कोई ठेस पहुंची है तो इसके लिए खेद है। महिंदर कौर के पति ने कहा कि इस मामले में परिवार और अन्य लोगों की राय लेकर ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कंगना रनौत की पेशी के दौरान बठिंडा कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कोर्ट परिसर के चारों ओर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नाकेबंदी की गई। स्थानीय एसपी नरिंदर सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए दो एसपी और एक डीएसपी भी कोर्ट परिसर में मौजूद थे।

केस की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। उस समय कंगना ने ट्विटर (अब X अकाउंट) पर बठिंडा जिले की बुजुर्ग महिला महिंदर कौर की फोटो पोस्ट करते हुए उन्हें 100-100 रुपए लेकर धरने में शामिल होने वाली महिला बताया था। उन्होंने महिंदर कौर की तुलना शाहीन बाग आंदोलन की बुजुर्ग महिला बिलकिस बानो से की थी।महिंदर कौर ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 4 जनवरी 2021 को बठिंडा की अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पंजाब और सामाजिक संगठनों में कंगना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
कोर्ट में पेशी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अर्जी
कंगना रनौत की तरफ से कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अर्जी भी दाखिल की गई थी, लेकिन बठिंडा अदालत ने इसे खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी कंगना की याचिका खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि कंगना को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।
बठिंडा अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 24 नवंबर, 2025 को निर्धारित की है। कोर्ट में कंगना की तरफ से बेल बांड भी दाखिल किए गए हैं, जो उनके पिता ने प्रदान किए हैं।

कंगना ने अदालत और मीडिया से कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उनका मकसद पंजाब में विरोध प्रदर्शन कराने के लिए विवाद खड़ा करना था। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की महिलाओं का सम्मान उनके लिए हमेशा सर्वोपरि है।







