पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार जीत दर्ज की है। AAP के उम्मीदवार हरमीत संधू ने कुल 42,649 वोट प्राप्त कर 12,091 मतों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। यह उनके लिए इस सीट पर चौथी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड है।दूसरे स्थान पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा रही, जिन्हें कुल 30,558 वोट मिले। तीसरे नंबर पर खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल की पार्टी, अकाली दल-वारिस पंजाब दे के मनदीप सिंह खालसा रहे, जिन्होंने 19,620 वोट हासिल किए। कांग्रेस इस उपचुनाव में चौथे स्थान पर रही, उसे केवल 15,078 वोट मिले। वहीं, भाजपा के हरजीत सिंह संधू पांचवें स्थान पर रहे और 6,239 वोटों के साथ अपनी जमानत भी जब्त हो गई।

मतगणना का रोचक दौर
तरनतारन के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई। सबसे पहले बैलेट पेपर की गिनती की गई, इसके बाद EVM मशीन से वोटों की गणना जारी रही। कुल 16 राउंड में वोटों की गिनती पूरी हुई।शुरुआती राउंड में सुखविंदर कौर रंधावा ने बढ़त ली थी। पहले राउंड में उन्हें 625 वोट की लीड मिली। दूसरे राउंड में यह बढ़कर 1,480 हो गई, लेकिन तीसरे राउंड में यह लीड घटकर 374 रह गई। चौथे राउंड से हरमीत संधू की बढ़त लगातार बढ़नी शुरू हुई और अंततः यह 10 हजार से अधिक हो गई।जैसे ही हरमीत संधू की बढ़त स्पष्ट हुई, सुखविंदर रंधावा ने मतगणना केंद्र छोड़ दिया और घर चली गईं। तीसरे नंबर पर रहे मनदीप सिंह खालसा पहले सात राउंड तक चौथे नंबर पर थे, लेकिन आठवें राउंड में उन्होंने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया और आखिरी राउंड तक तीसरे स्थान पर बने रहे।
AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने इस जीत को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “इस उपचुनाव में पंजाब की जनता ने अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा को नकार दिया है। कांग्रेस नेताओं द्वारा दलितों का अपमान और उनके असंगत बयानबाजी ने जनता को नाराज किया। जनता ने साफ कर दिया कि वह ईमानदार नेतृत्व और काम की राजनीति को ही पसंद करती है।”AAP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “तरनतारन उपचुनाव में मिली इस ऐतिहासिक जीत ने साबित कर दिया है कि पंजाब की जनता काम की राजनीति और भगवंत मान के ईमानदार नेतृत्व पर भरोसा करती है। यह जीत जनता की, मेहनत करने वाले हर कार्यकर्ता की और हमारी पूरी टीम की है।”

उपचुनाव के तथ्य
मतदान प्रतिशत: उपचुनाव में 11 नवंबर को 60.95% मतदान हुआ था। पिछले विधानसभा चुनाव (2022) में यह आंकड़ा 65.81% था।पूर्व विधायक: इस सीट पर पिछली बार कश्मीर सिंह सोहल (AAP) ने जीत हासिल की थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई।इस जीत के साथ AAP ने तरनतारन विधानसभा में अपना दबदबा और मजबूत किया है, जबकि पारंपरिक पार्टियों अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा को जनता ने साफ नकारा।
हरमीत संधू का रिकॉर्ड
हरमीत संधू की यह चौथी जीत है और उन्होंने साबित किया है कि तरनतारन की जनता पर उनका मजबूत विश्वास है। चुनाव जीतने के बाद संधू ने कहा, “मैं अपनी जनता की सेवा में पूरी मेहनत करूंगा और उनके विकास के लिए लगातार काम करूंगा।”AAP के लिए यह जीत न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पार्टी के पंजाब में बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता का संकेत भी है।








