मोहाली जिले के ज़ीरकपुर फ्लाईओवर पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। आगरा से अमृतसर जा रही एक टूरिस्ट बस अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में उस समय करीब 30 यात्री सवार थे, जिनमें बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग सभी शामिल थे। ड्राइवर की समझदारी और साहसिक फैसले के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे लोगों की जान बच गईं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सुबह लगभग 5 बजे की है। टूरिस्ट बस जब डेराबस्सी के पास सिंघपुरा पुल के नजदीक फ्लाईओवर पर पहुंची, तभी ड्राइवर ने इंजन से धुआँ उठते देखा। अधिकांश यात्री उस समय सो रहे थे। स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने घबराहट फैलाए बिना बस को फ्लाईओवर किनारे रोक दिया।कुछ ही सेकंड में धुआँ बढ़ने लगा और बस में बैठे यात्रियों में घबराहट और चीख-पुकार मच गई।ड्राइवर ने फौरन सभी यात्रियों को उनके सामान सहित बस से नीचे उतरने को कहा। समय रहते की गई इस कार्रवाई की वजह से एक भी यात्री को चोट नहीं आई। यात्रियों ने बाद में ड्राइवर की खूब सराहना की और कहा कि उसकी समझदारी ने उन्हें मौत के मुंह से बचा लिया।

बस रुकने के कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। लपटें दूर-दूर तक दिख रही थीं। उठता काला धुआँ आसपास फैल गया, जिससे फ्लाईओवर के ऊपर यातायात भी प्रभावित हो गया।फायर ब्रिगेड को सूचना मिलते ही बजे फायर टेंडर मौके पर पहुंचे। आग का प्रभाव तेज होने के कारण तेज डेराबस्सी और ज़ीरकपुर से भी गाड़ियां मंगवाई गई।करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
फायर अधिकारियों की प्राथमिक जांच के अनुसार आग का कारण अभी साफ नहीं है। हालांकि शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी को संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस और फायर विभाग घटना की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।घटना के दौरान लपटों और धुएँ की वजह से फ्लाईओवर पर करीब 30 मिनट तक जाम लगा रहा। पुलिस ने जली बस को क्रेन की मदद से सड़क किनारे हटवाया और धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया।अग्निशमन कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। घटना में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है।








